वाशिंगटन/दमिश्क: अमेरिकी सेना ने सीरिया में एक बड़ी सैन्य कार्रवाई करते हुए अलकायदा से जुड़े शीर्ष कमांडर बिलाल हसन अल-जासिम को मार गिराया है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के निर्देश पर शुक्रवार, 16 जनवरी 2026 को उत्तर-पश्चिमी सीरिया में यह सटीक हवाई हमला किया गया। The strike, carried out under 'Operation Hawkeye Strike', was a direct retaliation for the December 13, 2025, terrorist ambush in Palmyra that claimed the lives of two US soldiers and an American interpreter. अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने पुष्टि की है कि बिलाल अल-जासिम एक अनुभवी आतंकी नेता था, जिसके संबंध उस आईएसआईएस (ISIS) नेटवर्क से भी थे जिसने अमेरिकी सैनिकों पर हमला किया था।
यूएस सेंट्रल कमांड के कमांडर एडमिरल ब्रैड कूपर ने इस सफलता पर बयान जारी करते हुए कहा कि अमेरिकियों की मौत के जिम्मेदार आतंकी का खात्मा हमारी सेना के संकल्प को दर्शाता है। He issued a stern warning, stating that there is no safe haven for those who plot or inspire attacks against American citizens and warfighters. इस अभियान का नाम 'हॉकआई स्ट्राइक' (Hawkeye Strike) इसलिए रखा गया है क्योंकि पिछले महीने शहीद हुए दोनों सैनिक, सार्जेंट एडगर ब्रायन टॉरेस-टोवर और सार्जेंट विलियम नथानिएल हॉवर्ड, अमेरिका के आयोवा (Hawkeye State) राज्य के नेशनल गार्ड से संबंधित थे। इस हमले में अमेरिकी नागरिक दुभाषिया अयाद मंसूर साकात की भी जान गई थी।
राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इस मिशन को अत्यंत सफल बताया और कहा कि अमेरिका अपनी सेना पर हमला करने वालों को कभी नहीं बख्शेगा। Since the launch of this operation in late December, the US and its allies, including Jordan, have struck over 100 ISIS and extremist infrastructure sites using more than 200 precision munitions. ट्रंप ने यह भी रेखांकित किया कि बशर अल-असद की सत्ता के अंत के बाद अब सीरियाई सुरक्षा बल और राष्ट्रपति अहमद अल-शरआ भी आतंकियों के खिलाफ इस लड़ाई में अमेरिका के साथ मिलकर काम कर रहे हैं। इस कार्रवाई का मुख्य उद्देश्य सीरिया में इस्लामिक स्टेट और अलकायदा के उग्रवादियों को दोबारा संगठित होने से रोकना है।