वॉशिंगटन/तेहरान: पश्चिम एशिया (मिडल ईस्ट) में तनाव के बीच अमेरिकी नौसेना का सबसे शक्तिशाली युद्धपोत USS Abraham Lincoln अपने स्ट्राइक ग्रुप के साथ पहुँच गया है। अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने पुष्टि की है कि इस बेड़े में तीन गाइडेड मिसाइल डेस्ट्रॉयर USS Frank E. Petersen Jr., USS Spruance और USS Michael Murphy शामिल हैं। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इस तैनाती को "बड़े बेड़े" के रूप में वर्णित किया है, जिसे ईरान में जारी भारी अशांति और प्रदर्शनकारियों के खिलाफ सरकार की कथित हिंसा के बाद भेजा गया है। अमेरिका ने स्पष्ट किया है कि यदि ईरान ने प्रदर्शनकारियों का कत्लेआम नहीं रोका, तो सैन्य दखल का विकल्प खुला है। The arrival of the Carrier Strike Group significantly expands U.S. combat options, including precision strikes and air superiority in the region.
ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्लाह खामेनेई और उनके सैन्य कमांडरों ने अमेरिका की इस चाल को 'मनोवैज्ञानिक युद्ध' (Psychological Warfare) करार दिया है। ईरान के एक वरिष्ठ सैन्य अधिकारी ने कहा कि अमेरिका गलत आकलन कर रहा है; यदि उसने किसी 'सीमित हमले' की कोशिश की, तो इसका जवाब पूरी ताकत से दिया जाएगा और स्थिति हाथ से निकल जाएगी। ईरान के विदेश मंत्रालय ने चेतावनी दी है कि वे अपनी संप्रभुता की रक्षा के लिए "अधिक तैयार" हैं। तेहरान में ऐसे पोस्टर भी देखे गए हैं जिनमें क्षतिग्रस्त अमेरिकी युद्धपोतों को दिखाया गया है, जिस पर लिखा है "जो हवा बोएगा, वह तूफान काटेगा।" Despite the U.S. Military Buildup, Iranian leadership publicly downplays the threat, portraying it as an attempt to undermine national cohesion.
इस तनाव के बीच हिजबुल्लाह के नेता नईम कासिम ने खुलकर ईरान का साथ देने का ऐलान किया है। उन्होंने चेतावनी दी कि ईरान पर किया गया कोई भी हमला पूरे क्षेत्र में आग लगा देगा और हिजबुल्लाह "न्यूट्रल" नहीं रहेगा। हालांकि, लेबनान के भीतर ही इस रुख का कड़ा विरोध शुरू हो गया है। काताएब पार्टी के नेता सैमी गेमायेल ने हिजबुल्लाह को फटकार लगाते हुए कहा, "यदि आप आत्महत्या करना चाहते हैं या अपने आका (ईरान) को बचाना चाहते हैं, तो जाइए, लेकिन लेबनान को इस जंग में मत झोंकिए।" उधर, इजरायल ने भी संभावित युद्ध की स्थिति में हजारों विदेशी पर्यटकों को सुरक्षित निकालने का प्लान तैयार कर लिया है। The Internal Rift in Lebanon highlights the growing fear that Hezbollah's alignment with Iran could drag the country into a devastating regional conflict.