देहरादून: लंबे इंतजार के बाद उत्तराखंड में मौसम ने अपनी सबसे खूबसूरत करवट ली है, जिससे देवभूमि के ऊंचे पहाड़ चांदी जैसी सफेद बर्फ से ढक गए हैं। शुक्रवार सुबह टिहरी जनपद के प्रसिद्ध पर्यटन स्थल धनोल्टी में सीजन की पहली बर्फबारी दर्ज की गई, जिससे सुरकंडा देवी, कद्दूखाल और नाग टिब्बा का नजारा बेहद आकर्षक हो गया है। न केवल धनोल्टी, बल्कि मसूरी के लाल टिब्बा और चकराता की चोटियों पर भी बर्फ की फुहारें शुरू हो गई हैं। केदारनाथ, गंगोत्री और यमुनोत्री धाम पहले ही भारी बर्फबारी के बाद सफेद चादर में लिपटे हुए हैं। इस बदलाव से जहां पर्यटकों के चेहरे खिल उठे हैं, वहीं पहाड़ों से आ रही बर्फीली हवाओं ने पूरे प्रदेश में ठिठुरन बढ़ा दी है। The much-awaited winter spectacle has finally arrived, transforming the hill stations into a white paradise and sparking joy among the hospitality sector.
मौसम विभाग (IMD) ने प्रदेश में सक्रिय हुए शक्तिशाली पश्चिमी विक्षोभ के कारण 'ऑरेंज अलर्ट' जारी किया है। राजधानी देहरादून समेत उत्तरकाशी, रुद्रप्रयाग, चमोली, बागेश्वर और पिथौरागढ़ में सुबह से ही झमाझम बारिश और ओलावृष्टि का दौर जारी है। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, अगले 48 घंटों तक 40-50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से झोंकेदार हवाएं चलने और ऊंचाई वाले इलाकों में भारी हिमपात की संभावना है। नैनीताल और आसपास के इलाकों में घने बादल छाए रहने से दिन का तापमान काफी गिर गया है, जिससे लोग अलाव और गर्म कपड़ों का सहारा ले रहे हैं। प्रशासन ने मसूरी और धनोल्टी जाने वाले पर्यटकों से अपील की है कि वे सड़कों पर पाले (Fisalan) के कारण सावधानी से यात्रा करें। The strategic deployment of snow-clearing machinery is underway to ensure that vital transport links remain accessible for residents and visitors.
यह बदलता मौसम राज्य की अर्थव्यवस्था और कृषि के लिए वरदान माना जा रहा है। कृषि विशेषज्ञों के अनुसार, यह बारिश और नमी गेहूं, सरसों और अन्य रबी फसलों के लिए 'अमृत' के समान है, जिससे इस बार पैदावार बेहतर होने की उम्मीद है। वहीं, पर्यटन कारोबारियों को भरोसा है कि सीजन की पहली बर्फबारी के बाद आने वाले वीकेंड पर मसूरी और धनोल्टी में पर्यटकों का भारी सैलाब उमड़ेगा। हरिद्वार और ऊधम सिंह नगर जैसे मैदानी जिलों में भी बादलों की आवाजाही के बीच हल्की बारिश की संभावना जताई गई है। आपदा प्रबंधन विभाग को हाई अलर्ट पर रखा गया है ताकि किसी भी आपातकालीन स्थिति से तुरंत निपटा जा सके। The ecological and economic benefits of this winter spell are significant, promising a robust agricultural yield and a booming tourism season for Uttarakhand.