देहरादून: देवभूमि उत्तराखंड की धार्मिक पवित्रता और प्राचीन परंपराओं को अक्षुण्ण रखने के लिए राज्य सरकार और मंदिर समितियां एक बड़ा कदम उठाने जा रही हैं। बद्रीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति (BKTC) के अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी ने मंगलवार को स्पष्ट किया कि आगामी बोर्ड बैठक में समिति के अधिकार क्षेत्र में आने वाले सभी 46 मंदिरों में गैर-हिंदुओं के प्रवेश पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने का प्रस्ताव लाया जाएगा। उन्होंने तर्क दिया कि यह कोई नया नियम नहीं है, बल्कि आदि शंकराचार्य द्वारा स्थापित प्राचीन मान्यताओं का पुनरुद्धार है। Religious Sanctity को बनाए रखने के लिए स्टेकहोल्डर्स और पुजारियों की लंबे समय से चल रही मांग के बाद यह निर्णय लिया गया है।
हेमंत द्विवेदी ने सुरक्षा और सामाजिक सौहार्द का हवाला देते हुए कहा कि पिछले कुछ समय में 'लैंड जिहाद' और 'थूक जिहाद' जैसी घटनाओं ने तीर्थस्थलों के वातावरण को प्रभावित किया है, जिसके कारण कड़े सुरक्षा मानकों की आवश्यकता महसूस की जा रही है। उन्होंने स्पष्ट किया कि संवैधानिक परिभाषा के अनुसार, सिख, जैन और बौद्ध समुदायों को हिंदू धर्म का हिस्सा माना जाता है, इसलिए उनके प्रवेश पर कोई रोक नहीं होगी। साथ ही, हरिद्वार की गंगा सभा ने भी अर्धकुंभ 2026 से पहले हर की पौड़ी और अन्य घाटों पर 'अहिंदुओं का प्रवेश वर्जित' करने की मांग तेज कर दी है। The push for Entry Restrictions is being framed as a necessary measure to protect the spiritual environment of the Himalayas from anti-social elements.
इस संवेदनशील मुद्दे पर मुस्लिम समुदाय की ओर से भी प्रतिक्रियाएं आ रही हैं। ऑल इंडिया इमाम ऑर्गनाइजेशन के चीफ इमाम डॉ. इमाम उमर अहमद इलियासी ने इस पहल का समर्थन करते हुए एक तार्किक दलील दी है। उन्होंने कहा कि हर धर्म की अपनी आस्था और नियम होते हैं, जिसका सम्मान किया जाना चाहिए। इलियासी के अनुसार, गंगोत्री या अन्य पवित्र धामों में मुस्लिमों का कोई धार्मिक कार्य नहीं है, ऐसे में वहां जाने से अनावश्यक टकराव की स्थिति ही पैदा होगी। उधर, गंगोत्री मंदिर समिति ने पहले ही स्पष्ट कर दिया है कि सनातन धर्म में आस्था रखने वाले किसी भी व्यक्ति का स्वागत है, लेकिन धार्मिक नियमों का उल्लंघन बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। This Interfaith Dialogue reflects a growing consensus on respecting the boundaries of sacred spaces to avoid regional tensions.