देहरादून: उत्तराखंड में समान नागरिक संहिता (UCC) लागू होने के एक वर्ष पूरे होने के अवसर पर राज्य सरकार ने महत्वपूर्ण आंकड़े जारी किए हैं। 27 जनवरी 2025 को लागू हुए इस ऐतिहासिक कानून के बाद प्रदेश में विवाह पंजीकरण की प्रक्रिया में क्रांतिकारी बदलाव आया है। सरकारी आंकड़ों के अनुसार, पिछले एक साल में कुल 4,74,447 शादियों का पंजीकरण किया गया है। गौर करने वाली बात यह है कि जहां पुराने कानून के तहत प्रतिदिन औसतन केवल 67 शादियां पंजीकृत होती थीं, वहीं UCC लागू होने के बाद यह औसत बढ़कर 1400 प्रतिदिन पहुंच गया है। The simplified online process has eliminated the need for physical presence and witnesses at the sub-registrar office, making it more accessible for couples across the state.
समान नागरिक संहिता के तहत लिव-इन रिलेशनशिप को लेकर भी पहली बार आधिकारिक आंकड़े सामने आए हैं। रिपोर्ट के मुताबिक, प्रदेश में अब तक 68 जोड़ों ने अपने लिव-इन संबंध का औपचारिक पंजीकरण कराया है, जबकि 2 जोड़ों ने इस संबंध को समाप्त करने का प्रमाण पत्र भी प्राप्त किया है। इसके अतिरिक्त, यूसीसी के माध्यम से अब तक 316 लोगों ने ऑनलाइन तलाक प्रमाण पत्र हासिल किए हैं। The government claims that marriage registration certificates are being issued within an average of five days, significantly faster than the mandated 15-day limit, showcasing the efficiency of the new digital portal.
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने इन आंकड़ों पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि उत्तराखंड ने UCC लागू कर देश के अन्य राज्यों के लिए एक आदर्श स्थापित किया है। उन्होंने जोर देकर कहा कि पंजीकरण की प्रक्रिया में पारदर्शिता और सरलता आने से जनता का कानून पर भरोसा बढ़ा है। CM Dhami emphasized that the UCC has proven to be an exemplary piece of legislation, balancing modern legal requirements with social responsibility. इस कानून के लागू होने के बाद से विवाह, तलाक और उत्तराधिकार जैसे मामलों में सभी नागरिकों के लिए समान नियम प्रभावी हुए हैं, जिसने राज्य की प्रशासनिक व्यवस्था को नई दिशा दी है।