उत्तराखंड में मौसम का यू-टर्न: शुक्रवार से ऊंचे पहाड़ों पर बर्फबारी और बारिश के आसार, मैदानी जिलों में कोहरे का 'येलो अलर्ट' जारी




देहरादून: उत्तराखंड में लंबे समय से जारी शुष्क मौसम और कड़ाके की सूखी ठंड से अब राहत मिलने की उम्मीद है। मौसम विज्ञान केंद्र ने भविष्यवाणी की है कि राज्य में पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) सक्रिय होने जा रहा है, जिससे शुक्रवार से मौसम का मिजाज पूरी तरह बदल सकता है। 16 जनवरी को उत्तरकाशी, चमोली और पिथौरागढ़ जैसे उच्च पर्वतीय क्षेत्रों में हल्की बारिश और बर्फबारी की संभावना जताई गई है। पहाड़ों में जहां पाला गिरने से ठिठुरन बढ़ी हुई है, वहीं मैदानी इलाकों में घने कोहरे के कारण जनजीवन प्रभावित हो रहा है। प्रशासन ने बिगड़ते मौसम और शीतलहर को देखते हुए बुजुर्गों और बच्चों के प्रति विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी है।

The state has been reeling under severe dry cold, but the upcoming Western Disturbance is expected to bring much-needed precipitation to the higher reaches. हरिद्वार, ऊधम सिंह नगर, नैनीताल और देहरादून जैसे मैदानी जिलों के लिए मौसम विभाग ने 'येलो अलर्ट' जारी किया है, क्योंकि यहाँ सुबह और रात के समय घना कोहरा छाए रहने के कारण दृश्यता (Visibility) काफी कम हो सकती है। हालांकि 14 और 15 जनवरी को मौसम शुष्क रहने का अनुमान है, लेकिन शुक्रवार से बादलों की आवाजाही शुरू हो जाएगी। देहरादून में अधिकतम तापमान 19.8°C और न्यूनतम 6.5°C दर्ज किया गया है, जबकि मुक्तेश्वर जैसे पहाड़ी इलाकों में पारा 3.3°C तक लुढ़क गया है।

The health department has urged residents to gear up for a further dip in temperatures following the snowfall. बारिश और बर्फबारी न होने के कारण कृषि और बागवानी पर भी प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा था, ऐसे में यह बदलाव किसानों के लिए सुखद संकेत लेकर आ सकता है। पहाड़ों में पाले (Frost) की स्थिति के कारण सड़कों पर फिसलन बढ़ गई है, जिससे यात्रियों को सावधानी से वाहन चलाने की हिदायत दी गई है। मौसम वैज्ञानिकों का मानना है कि इस सक्रिय विक्षोभ के बाद पूरे प्रदेश में कड़ाके की ठंड का एक और दौर शुरू होगा, जो जनवरी के अंत तक जारी रह सकता है।



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