गोरखपुर: उत्तर प्रदेश के गोरखपुर में स्थित विश्वप्रसिद्ध गोरखनाथ मंदिर में मकर संक्रांति का उल्लास शुरू हो गया है। ज्योतिषीय गणना के अनुसार, सूर्य आज रात 9:35 बजे मकर राशि में प्रवेश करेंगे, जिसके कारण मुख्य पर्व और सार्वजनिक अवकाश कल, 15 जनवरी को मनाया जाएगा। हालांकि, श्रद्धालुओं की अपार आस्था तिथियों के बंधन को पीछे छोड़ते हुए बुधवार तड़के से ही दिखाई देने लगी। सुबह 4 बजे ब्रह्ममुहूर्त में जैसे ही मंदिर के कपाट खुले, बिहार, दिल्ली और नेपाल समेत विभिन्न राज्यों से आए हजारों श्रद्धालुओं ने बाबा गोरखनाथ को खिचड़ी अर्पित कर अपनी हाजिरी लगाई। भीड़ को नियंत्रित करने के लिए मंदिर प्रशासन लगातार घोषणाएं कर रहा है और सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं।
The traditional 'Khichdi Mela' has officially kicked off, with thousands of devotees lining up since 4:00 AM to offer grains at the historic Gorakhnath shrine. श्रद्धालुओं की भारी संख्या को देखते हुए मंदिर परिसर में पुरुष और महिला दर्शनार्थियों के लिए अलग-अलग बैरिकेडिंग की गई है। सुबह 10 बजे के बाद भीड़ में भारी इजाफा देखा गया क्योंकि ट्रेन और बसों के जरिए दूर-दराज के क्षेत्रों से लोग पहुंचने लगे। एक बार में केवल 70 से 80 श्रद्धालुओं को ही गर्भगृह की ओर जाने की अनुमति दी जा रही है। मंदिर समिति ने श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे स्वच्छता बनाए रखें और खिचड़ी को निर्धारित स्थान पर ही अर्पित करें। विशेष रूप से महिलाओं की संख्या पुरुषों के मुकाबले काफी अधिक देखी जा रही है।
The most awaited ritual will take place tomorrow, January 15, when Chief Minister and Gorakshpeethadhishwar Yogi Adityanath will offer the first 'Khichdi' to Guru Gorakhnath on behalf of the Peeth. इसके बाद नेपाल नरेश की ओर से भेजी गई खिचड़ी चढ़ाई जाएगी और फिर आम जनता के लिए द्वार पूरी तरह खोल दिए जाएंगे। श्रद्धालु मंदिर के उत्तरी द्वार से बाहर निकलकर हनुमान मंदिर और परिसर में लगे मेले का आनंद ले रहे हैं। मुख्यमंत्री के आगमन और पर्व की संवेदनशीलता को देखते हुए गोरखपुर प्रशासन ने मेला क्षेत्र में चप्पे-चप्पे पर सीसीटीवी और सादी वर्दी में पुलिस बल तैनात किया है। श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए शहर के विभिन्न रूटों पर यातायात व्यवस्था में भी बदलाव किया गया है।