नई दिल्ली: आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की दुनिया में Anthropic AI के हालिया धमाके ने वैश्विक शेयर बाजारों में 'भूचाल' ला दिया है। एंथ्रोपिक द्वारा अपने Claude Cowork प्लेटफॉर्म के लिए 11 नए क्रांतिकारी प्लग-इन्स लॉन्च करने के बाद अमेरिकी शेयर बाजार Nasdaq में लगातार दूसरे दिन भारी गिरावट दर्ज की गई। बुधवार को नैस्डैक 350 अंक (1.5%) टूटकर 22,904 पर बंद हुआ। इस 'SaaSpocalypse' (सॉफ्टवेयर-एज-ए-सर्विस का विनाश) ने महज दो दिनों में टेक सेक्टर के मार्केट कैप से करीब $300 बिलियन (लगभग ₹25 लाख करोड़) साफ कर दिए हैं। NVIDIA, Alphabet, Amazon और Meta जैसे दिग्गज शेयरों में निवेशकों ने भविष्य के बिजनेस मॉडल को लेकर डर के चलते भारी बिकवाली की है।
इस गिरावट का मुख्य कारण एंथ्रोपिक का नया 'लीगल प्लग-इन' और ऑटोमेशन टूल्स हैं, जो कॉर्पोरेट, सेल्स और डेटा एनालिसिस जैसे जटिल कार्यों को इंसानों की तरह करने में सक्षम हैं। निवेशकों को डर है कि Claude Cowork और Claude Code जैसे टूल्स पारंपरिक सॉफ्टवेयर कंपनियों के अस्तित्व के लिए खतरा बन सकते हैं। जहां पहले एआई को केवल एक 'असिस्टेंट' के रूप में देखा जा रहा था, वहीं एंथ्रोपिक ने इसे एक 'रिप्लेसमेंट' (प्रतिस्थापन) के तौर पर पेश किया है, जो जूनियर स्टाफ और महंगे सॉफ्टवेयर टूल्स की जरूरत को खत्म कर सकता है।
भारतीय आईटी सेक्टर पर भी 'एआई' की मार
अमेरिकी बाजार में मची इस तबाही का असर भारतीय शेयर बाजार (Indian Stock Market) पर भी साफ दिखाई दिया। मंगलवार और बुधवार को निफ्टी आईटी (Nifty IT) इंडेक्स में 5% से ज्यादा की गिरावट दर्ज की गई, जिससे Infosys, TCS और Wipro जैसे दिग्गजों के मार्केट कैप में करीब ₹1.9 लाख करोड़ की कमी आई। हालांकि गुरुवार को मामूली रिकवरी देखी गई है, लेकिन विशेषज्ञों का मानना है कि 'हेडकाउंट-आधारित' बिलिंग मॉडल वाली कंपनियों के लिए यह एक 'स्ट्रक्चरल रीसेट' का समय है।
एंथ्रोपिक, जिसे OpenAI का सबसे बड़ा प्रतिद्वंद्वी माना जाता है, अब इंटरप्राइज एआई मार्केट में अपनी पैठ मजबूत कर रहा है। एक्सपर्ट्स के अनुसार, बाजार अब उन कंपनियों के बीच फर्क करना शुरू कर चुका है जो एआई को सिर्फ जोड़ रही हैं और वे जो एआई के जरिए पुराने बिजनेस मॉडल को पूरी तरह बदल रही हैं। आने वाले समय में टेक कंपनियों के मुनाफे और उनकी वैल्यूएशन पर इन नए एआई मॉडल्स का सीधा असर देखने को मिलेगा।