सजेगा बागेश्वर धाम का लगन मंडप: 300 अनाथ और निर्धन बेटियों का होगा भव्य विवाह, नेपाल की युवती भी बनेगी 'बालाजी' की बहू



खजुराहो/छतरपुर: बुंदेलखंड के प्रसिद्ध धार्मिक स्थल बागेश्वर धाम (Bageshwar Dham) में इस बार कन्या विवाह महोत्सव एक अंतरराष्ट्रीय स्वरूप लेने जा रहा है। 12 से 15 फरवरी 2026 तक चलने वाले इस भव्य आयोजन में 300 निर्धन, अनाथ और बेसहारा बेटियों का विवाह संपन्न होगा। इस वर्ष के महोत्सव की खास बात यह है कि इसमें पड़ोसी देश नेपाल की एक बेटी, अस्मिता सुनार भी विवाह बंधन में बंधेंगी। पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री (Pandit Dhirendra Krishna Shastri) ने स्वयं वर-वधु को शादी का जोड़ा, शेरवानी, चुनरी और अन्य पूजन सामग्री भेंट कर उन्हें आशीर्वाद दिया है।

आयोजन की भव्यता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि इस बार 13 राज्यों से 1500 से अधिक आवेदन प्राप्त हुए थे। एक महीने तक चले गहन सर्वे के बाद 600 सदस्यीय टीम ने सबसे पात्र 300 जोड़ों का चयन किया। इन नव-दंपत्तियों के सुखद भविष्य के लिए धाम की ओर से प्रत्येक जोड़े के नाम ₹30,000 की जॉइंट फिक्स्ड डिपॉजिट (FD) कराई जाएगी, जिसे पांच साल से पहले नहीं निकाला जा सकेगा। इसके अलावा, दहेज के रूप में करीब 90 लाख रुपये की कुल एफडी और सोने-चांदी के गहनों सहित संपूर्ण गृहस्थी का सामान उपहार स्वरूप दिया जाएगा।

पंडित धीरेंद्र शास्त्री ने भावुक होते हुए कहा कि ये बेटियां अब 'बालाजी की बेटियां' हैं और इनका कन्यादान देशभर के प्रतिष्ठित संतों और विद्वानों के सानिध्य में किया जाएगा। धाम के सेवादार कमल अवस्थी के अनुसार, सभी तैयारियां पूरी हो चुकी हैं और VVIP मेहमानों को निमंत्रण पत्र भेजे जा रहे हैं। नेपाल की अस्मिता सुनार ने बताया कि उनके परिवार की आर्थिक स्थिति अत्यंत दयनीय थी, लेकिन बागेश्वर बालाजी की कृपा से चार साल के इंतजार के बाद उन्हें इस महोत्सव का हिस्सा बनने का अवसर मिला है।

इसी तरह विदिशा की सपना अहिरवार और किशनगढ़ की सपना विश्वकर्मा जैसी अनाथ बेटियों के लिए यह आयोजन किसी सुनहरे सपने से कम नहीं है। धाम परिसर में अलग-अलग भोजन पंडाल और लगन मंडप तैयार किए जा रहे हैं। 13 फरवरी की सुबह से ही वैवाहिक रस्में शुरू हो जाएंगी, जिसमें मध्य प्रदेश सहित देश के विभिन्न हिस्सों से लोग साक्षी बनने पहुँचेंगे।


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