भारत-विस्तार का कल होगा शंखनाद: खेती में AI क्रांति का आगाज़, 'भारती' बनेगी करोड़ों किसानों की डिजिटल मददगार



नई दिल्ली/जयपुर: भारत के कृषि इतिहास में कल, मंगलवार (17 फरवरी), एक नया अध्याय जुड़ने जा रहा है। केंद्र सरकार अपना बहुप्रतीक्षित AI-पावर्ड मल्टीलिंगुअल टूल 'भारत-विस्तार' (Bharat-VISTAAR) लॉन्च करने के लिए पूरी तरह तैयार है। इस क्रांतिकारी प्लेटफॉर्म का शुभारंभ केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान और राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा द्वारा जयपुर में किया जाएगा। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने अपने हालिया बजट में इस डिजिटल कृषि विशेषज्ञ का वादा किया था, जिसे अब धरातल पर उतारा जा रहा है।

'भारत-विस्तार' (Virtually Integrated System to Access Agricultural Resources) का मुख्य उद्देश्य देश के छोटे से छोटे किसान तक तकनीक की पहुंच बनाना है। इस सिस्टम की सबसे बड़ी विशेषता 'भारती' नाम की AI वॉइस असिस्टेंट है, जो 24 घंटे किसानों के सवालों के जवाब देगी। किसान इसके मोबाइल ऐप या सीधे हेल्पलाइन नंबर 155261 पर कॉल करके अपनी भाषा में खेती से जुड़ी सलाह ले सकेंगे। शुरुआत में यह सेवा हिंदी और अंग्रेजी में उपलब्ध होगी, लेकिन जल्द ही इसे अन्य क्षेत्रीय भाषाओं में भी विस्तारित किया जाएगा।

किसानों को कैसे मिलेगा फायदा?

मौसम और आपदा का सटीक पूर्वानुमान: यह टूल ओला-बारिश, बाढ़ और सूखे जैसी प्राकृतिक आपदाओं की पहले ही जानकारी देगा, जिससे फसल बर्बादी का जोखिम कम होगा।

24/7 विशेषज्ञ सलाह: फसल योजना, कीट नियंत्रण और मिट्टी के स्वास्थ्य (Soil Health) से लेकर बाजार कीमतों तक की जानकारी 'भारती' वॉइस असिस्टेंट के जरिए तुरंत मिलेगी।

सरकारी योजनाओं का लाभ: किसान इस प्लेटफॉर्म के माध्यम से PM Kisan, फसल बीमा योजना और किसान क्रेडिट कार्ड जैसी योजनाओं के लिए जानकारी प्राप्त कर आवेदन भी कर सकेंगे।

मजबूत डेटा सपोर्ट: यह टूल भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (ICAR) के शोध और Bhashini जैसे AI मिशनों के डेटा को एकीकृत कर बनाया गया है।

सरकार इस महत्वाकांक्षी परियोजना पर वित्त वर्ष 2026-27 में लगभग ₹150 करोड़ खर्च करने जा रही है। विशेषज्ञों का मानना है कि यह केवल एक ऐप नहीं, बल्कि भारत का Digital Agriculture Infrastructure बनेगा। इसके जरिए किसानों का फीडबैक सीधे सरकारी सिस्टम तक पहुंचेगा, जिससे भविष्य की कृषि नीतियां बनाने में मदद मिलेगी। 'भारत-विस्तार' के आने से खेती की उत्पादकता बढ़ने और किसानों की आय में सुधार होने की प्रबल संभावना है।



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