पटना (बिहार): बिहार की स्वास्थ्य सेवाओं में एक ऐतिहासिक बदलाव की शुरुआत हो चुकी है। राजधानी पटना स्थित Indira Gandhi Institute of Medical Sciences (IGIMS) अब मरीजों के सटीक उपचार के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और रोबोटिक्स जैसी अत्याधुनिक तकनीकों को अपनाने वाला प्रदेश का अग्रणी संस्थान बन गया है। अस्पताल प्रशासन के अनुसार, अब मरीजों की बीमारियों की जांच और उनके इलाज में AI-based technology का उपयोग किया जाएगा, जिससे न केवल रिपोर्ट की सटीकता बढ़ेगी, बल्कि मरीजों के समय की भी बचत होगी।
संस्थान के अधीक्षक डॉ. मनीष मंडल ने बताया कि IGIMS में रोबोटिक्स फिजियोथेरेपी की सफल शुरुआत कर दी गई है। इसके साथ ही अब जनरल सर्जरी, यूरो सर्जरी, ऑन्को सर्जरी और गायनी विभाग में भी Robotic Surgery शुरू करने की तैयारी अंतिम चरण में है। रोबोटिक तकनीक के आने से जटिल से जटिल ऑपरेशन अब बहुत कम चीर-फाड़ और अधिक शुद्धता के साथ संभव हो सकेंगे, जिससे मरीजों की रिकवरी भी तेजी से होगी।
स्वास्थ्य सुविधाओं का मेगा विस्तार
नया आई हॉस्पिटल: संस्थान में हाल ही में 164 बेड के समर्पित आई हॉस्पिटल का निर्माण कार्य पूरा किया गया है।
1200 बेड का मल्टीस्पेशलिटी अस्पताल: IGIMS परिसर में 1200 बेड वाले एक विशाल मल्टीस्पेशलिटी अस्पताल का निर्माण युद्धस्तर पर जारी है। उम्मीद है कि इस साल December 2026 तक इसे जनता के लिए खोल दिया जाएगा।
बेड क्षमता में बढ़ोतरी: वर्तमान में संस्थान में लगभग 1700 बेड की सुविधा है। हाल ही में उद्घाटन किए गए 500 बेड के नए ब्लॉक में से 100 बेड पर इलाज शुरू हो चुका है, जबकि शेष 400 बेड भी जल्द ही कार्यशील हो जाएंगे।
इस पहल के बाद बिहार के मरीजों को अब रोबोटिक सर्जरी और हाई-टेक जांच के लिए दिल्ली या मुंबई जैसे महानगरों की दौड़ नहीं लगानी पड़ेगी। Health Infrastructure में हो रहे इस सुधार से गरीब और मध्यम वर्गीय परिवारों को एक ही छत के नीचे विश्वस्तरीय चिकित्सा सुविधाएं मिलना सुनिश्चित होगा। अधिकारियों का मानना है कि अत्याधुनिक आईसीयू और इमरजेंसी वार्ड के शुरू होने से संस्थान पर मरीजों का बढ़ता दबाव भी काफी हद तक कम हो जाएगा।