लखनऊ: उत्तर प्रदेश में 'खूनी' चाइनीज मांझे (Chinese Manjha) को लेकर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कड़ा रुख अख्तियार कर लिया है। लखनऊ में एक युवक की गर्दन कटने से हुई दर्दनाक मौत के बाद सीएम योगी ने आदेश दिया है कि अब से चाइनीज मांझे से होने वाली मौत के मामलों को 'हत्या' (Murder Case - Section 103 BNS) की श्रेणी में रखा जाएगा। मुख्यमंत्री ने दो टूक शब्दों में कहा है कि प्रतिबंध के बावजूद अगर बाजार में यह जानलेवा मांझा बिक रहा है, तो इसके लिए संबंधित क्षेत्र के पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी सीधे तौर पर जिम्मेदार होंगे।
बुधवार को लखनऊ के हैदरगंज ओवरब्रिज पर एक दुखद हादसा हुआ, जहाँ दुबग्गा निवासी शोएब (एक मेडिकल रिप्रेजेंटेटिव) अपनी बाइक से जा रहे थे। अचानक चाइनीज मांझा उनके गले में फंस गया और उनकी गर्दन गहरे तक कट गई। राहगीरों द्वारा ट्रॉमा सेंटर पहुँचाने के बावजूद अधिक खून बह जाने के कारण उनकी मौत हो गई। शोएब अपने परिवार का इकलौता सहारा था। इस घटना के बाद राजधानी सहित पूरे प्रदेश में आक्रोश व्याप्त है, जिसके बाद सरकार ने तत्काल 'ऑपरेशन क्लीन' शुरू कर दिया है।
मुख्यमंत्री के निर्देश पर लखनऊ, कानपुर, वाराणसी और मेरठ समेत सभी प्रमुख शहरों में पुलिस की विशेष टीमें पतंग की दुकानों और गोदामों पर छापेमारी (Raids in UP) कर रही हैं। पुलिस महानिदेशक (DGP UP) ने स्पष्ट किया है कि केवल छोटे दुकानदारों पर ही नहीं, बल्कि इस अवैध मांझे की 'सप्लाई चेन' चलाने वाले बड़े माफियाओं पर भी गैंगस्टर एक्ट के तहत कार्रवाई की जाएगी। इसके साथ ही, जिला प्रशासन को निर्देश दिए गए हैं कि वे लाउडस्पीकर और सोशल मीडिया के जरिए लोगों को इस खतरनाक धागे के इस्तेमाल के खिलाफ जागरूक करें।
चाइनीज मांझा प्लास्टिक और सिंथेटिक धागे से बना होता है, जिस पर कांच और लोहे के कणों की परत होती है। यह इतना धारदार होता है कि इंसानी मांस और हड्डियों को पल भर में काट सकता है। प्रशासन ने जनता से अपील की है कि वे सूती धागे (सद्दी) का ही उपयोग करें और कहीं भी अवैध मांझा बिकते देखने पर तुरंत पुलिस को सूचना दें।