ग्रेटर नोएडा (उत्तर प्रदेश): ग्रेटर नोएडा वेस्ट (ग्रेनो वेस्ट) की पॉश सोसायटियों में महाशिवरात्रि का पर्व उस समय मातम और दहशत में बदल गया, जब व्रत का फलाहार खाने के बाद 40 से अधिक लोगों की तबीयत अचानक बिगड़ गई। इको विलेज-3, रॉयल कोर्ट और हिमालय प्राइड सोसाइटी के निवासियों ने Mahashivratri के उपवास के दौरान कुट्टू के आटे से बने व्यंजनों का सेवन किया था। सेवन के कुछ ही देर बाद बच्चों और गर्भवती महिलाओं समेत दर्जनों लोगों को उल्टी, दस्त, पेट दर्द, चक्कर और हाथ-पैर सुन्न होने जैसी गंभीर शिकायतें होने लगीं।
इको विलेज-3 सोसाइटी में स्थिति सबसे अधिक चिंताजनक रही, जहाँ एक साथ 30 से अधिक लोग बीमार पड़ गए। वहीं हिमालय प्राइड सोसाइटी में भी 15 से अधिक लोगों को आनन-फानन में अस्पताल ले जाना पड़ा। पीड़ितों के परिजनों के अनुसार, बीमार होने वालों में दो गर्भवती महिलाएं भी शामिल हैं। निवासियों ने बताया कि कुट्टू का आटा स्थानीय मार्केट की एक दुकान से Online Delivery के जरिए मंगवाया गया था। आटा पैकेटबंद होने के बजाय खुला (Loose) था, जिससे इसमें मिलावट या फफूंद (Fungus) होने की प्रबल आशंका जताई जा रही है।
घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस और Food Safety Department (खाद्य विभाग) की टीमें सक्रिय हो गई हैं। प्रभावित सोसायटियों में हड़कंप का माहौल है और एम्बुलेंस की आवाजाही रात भर बनी रही। यह पहली बार नहीं है जब ग्रेटर नोएडा में इस तरह की Food Poisoning की घटना हुई हो; इससे पहले भी एक हॉस्टल के 300 से अधिक छात्र मिलावटी खाने से बीमार पड़ चुके हैं। स्थानीय निवासियों का आरोप है कि त्योहारों के सीजन में मिलावटखोर सक्रिय हो जाते हैं और प्रशासन की ढीली कार्रवाई के कारण लोगों की जान जोखिम में पड़ रही है।
खाद्य सुरक्षा विभाग ने संबंधित दुकान से आटे के नमूने (Samples) लेकर जांच के लिए लैब भेज दिए हैं। स्वास्थ्य विभाग ने एडवाइजरी जारी करते हुए लोगों से अपील की है कि वे व्रत के दौरान खुला आटा खरीदने से बचें और केवल विश्वसनीय ब्रांड के पैकेटबंद उत्पादों का ही उपयोग करें। Gautam Buddh Nagar प्रशासन ने दोषियों के खिलाफ सख्त दंडात्मक कार्रवाई और दुकान को सील करने के संकेत दिए हैं।