चंबा/बिलासपुर: हिमाचल प्रदेश में कानून व्यवस्था को लेकर दो अलग-अलग मामलों में बड़ी कार्रवाई सामने आई है। चंबा जिले के पुलिस थाना तीसा के अंतर्गत पुलिस टीम ने केहलारा क्षेत्र में गश्त के दौरान गुप्त सूचना के आधार पर एक दुकान में छापेमारी कर अवैध शराब बरामद की है। Tissa Police ने केहलारा निवासी तेज लाल की दुकान की तलाशी ली, जहां से 2500 ml अवैध शराब जब्त की गई। एसपी विजय कुमार सकलानी (SP Vijay Kumar Saklani) ने मामले की पुष्टि करते हुए बताया कि आरोपी के खिलाफ आबकारी अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर आगामी छानबीन शुरू कर दी गई है।
दूसरी ओर, बिलासपुर के RLA (रजिस्ट्रिंग एंड लाइसैंसिंग अथॉरिटी) में हुए बहुचर्चित फर्जीवाड़े के मामले में प्रशासन ने कड़ा रुख अपनाते हुए दूसरे आरोपी गौरव भारद्वाज को तत्काल प्रभाव से सस्पेंड कर दिया है। भूमि अभिलेख निदेशक शिमला ने केंद्रीय सिविल सेवा नियम, 1965 के तहत अपनी शक्तियों का प्रयोग करते हुए यह निलंबन आदेश जारी किए हैं। आरोपी गौरव भारद्वाज एसडीएम कार्यालय झंडूता की गन लाइसैंस शाखा में तैनात था और 21 जनवरी से बिना किसी पूर्व सूचना के ड्यूटी से नदारद चल रहा था।
बिलासपुर आरएलए फर्जीवाड़े की जांच अब और तेज हो गई है क्योंकि मुख्य आरोपी गौरव भारद्वाज फिलहाल फरार है और Delhi Crime Branch उसकी गिरफ्तारी के लिए लगातार दबिश दे रही है। इससे पहले इस मामले में संलिप्त पहले आरोपी सुभाष को पुलिस ने 21 जनवरी को गिरफ्तार कर लिया था। एसडीएम झंडूता द्वारा आरोपी को कारण बताओ नोटिस जारी करने के बावजूद कोई जवाब न मिलने पर डीसी बिलासपुर (DC Bilaspur) ने मामले की रिपोर्ट शिमला मुख्यालय भेजी थी, जिसके बाद यह निलंबन की गाज गिरी है।
प्रदेश सरकार ने इस पूरे फर्जीवाड़े की तह तक जाने के लिए एक High-Level Investigation Committee का गठन किया है। यह विशेष कमेटी मामले के हर तकनीकी और प्रशासनिक पहलू की गहनता से जांच कर रही है और अगले 15 दिनों के भीतर अपनी विस्तृत रिपोर्ट सरकार को सौंपेगी। डीसी बिलासपुर राहुल कुमार ने पुष्टि की है कि आरोपी गौरव के खिलाफ विभागीय जांच भी समानांतर रूप से जारी रहेगी। प्रशासन की इस सख्त कार्रवाई से भ्रष्ट कर्मचारियों और अवैध धंधे में शामिल लोगों के बीच हड़कंप मचा हुआ है।