मंडी: अंतर्राष्ट्रीय महाशिवरात्रि महोत्सव के भव्य शुभारंभ के अवसर पर हिमाचल प्रदेश के उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने केंद्र सरकार के खिलाफ कड़ा रुख अपनाते हुए प्रदेश की वित्तीय स्थिति पर बड़ी चिंता व्यक्त की है। मंडी के ऐतिहासिक पड्डल मैदान में जनसमूह को संबोधित करते हुए उन्होंने स्पष्ट किया कि सुक्खू सरकार हिमाचल के अधिकारों और राजस्व घाटा अनुदान (Revenue Deficit Grant) के लिए एक निर्णायक लड़ाई लड़ रही है। उपमुख्यमंत्री ने आंकड़ों का हवाला देते हुए कहा कि पूर्ववर्ती भाजपा सरकार को केंद्र से लगभग 75,000 करोड़ रुपए की जो सहायता मिली थी अब वह सहयोग वर्तमान सरकार को नहीं मिल रहा है जिससे प्रदेश की विकास योजनाओं पर असर पड़ रहा है। उन्होंने सीधे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से आग्रह किया कि वे इस मामले में हस्तक्षेप कर हिमाचल के रुके हुए वित्तीय हक बहाल करवाएं।
वित्तीय संकट की चर्चा के बीच उपमुख्यमंत्री ने प्रदेश के लाखों कर्मचारियों और पेंशनभोगियों को बड़ी राहत देते हुए स्पष्ट संदेश दिया कि राज्य में किसी का भी वेतन या पेंशन नहीं रुकेगी। उन्होंने पुरजोर शब्दों में कहा कि पुरानी पेंशन योजना (OPS) को हर हाल में जारी रखा जाएगा और इस पर कोई खतरा नहीं है। इससे पहले उपमुख्यमंत्री ने राजदेवता माधवराय के मंदिर में शीश नवाया और महोत्सव की प्रथम शाही जलेब (शोभायात्रा) की अगुवाई की। उन्होंने मंडी शहर के ऐतिहासिक 500 वर्षों के सफर को यादगार बनाने के लिए भाषा एवं संस्कृति विभाग को भव्य आयोजनों की रूपरेखा तैयार करने के निर्देश भी दिए और पूर्व मुख्यमंत्री स्वर्गीय वीरभद्र सिंह के योगदान को याद करते हुए मंडी शिवरात्रि को अंतर्राष्ट्रीय पहचान दिलाने के प्रयासों की सराहना की।