शिमला: केंद्रीय बजट 2026 में हिमाचल प्रदेश के रेल नेटवर्क को आधुनिक बनाने के लिए केंद्र सरकार ने ₹2,911 Crore की भारी-भरकम राशि मंजूर की है। केंद्रीय रेल मंत्री Ashwini Vaishnaw ने मीडिया से बातचीत में जानकारी दी कि यह आवंटन पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार के कार्यकाल की तुलना में 27 गुना अधिक है। रेल मंत्री ने बताया कि वर्तमान में देवभूमि में लगभग ₹17,711 Crore की विभिन्न रेल परियोजनाएं प्रगति पर हैं। इन प्रोजेक्ट्स का मुख्य उद्देश्य दुर्गम पहाड़ी क्षेत्रों में कनेक्टिविटी को मजबूत करना और पर्यटन को नई ऊंचाइयों पर ले जाना है।
रेल मंत्री ने विशेष रूप से 'अमृत भारत स्टेशन योजना' (Amrit Bharat Station Scheme) का उल्लेख करते हुए बताया कि हिमाचल के चार प्रमुख स्टेशनों का कायाकल्प किया जा रहा है। इस योजना के तहत बैजनाथ-पपरोला और अंब अंदौरा रेलवे स्टेशनों के आधुनिकीकरण का कार्य सफलतापूर्वक पूरा कर लिया गया है। यात्रियों को विश्वस्तरीय सुविधाएं देने के लिए राज्य में एक जोड़ी Vande Bharat Express का संचालन भी सुचारू रूप से किया जा रहा है। इसके साथ ही हिमाचल प्रदेश ने रेल पटरियों के शत-प्रतिशत विद्युतीकरण (100% Electrification) का लक्ष्य भी हासिल कर लिया है।
अश्विनी वैष्णव ने बुनियादी ढांचे के विकास पर जोर देते हुए बताया कि 2014 के बाद से राज्य में 16 किलोमीटर नई रेल लाइन बिछाई गई है और सुरक्षा की दृष्टि से 26 फ्लाईओवर व अंडरपास का निर्माण किया गया है। हालांकि, उन्होंने इस दौरान राज्य सरकार के रवैये पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि रेल परियोजनाओं के लिए प्रदेश सरकार से अपेक्षित सहयोग नहीं मिल पा रहा है। रेल मंत्री ने मुख्यमंत्री Sukhvinder Singh Sukhu से अपील की कि वे भूमि अधिग्रहण और अन्य प्रशासनिक प्रक्रियाओं में तेजी लाएं ताकि इन महत्वपूर्ण राष्ट्रीय परियोजनाओं को समयबद्ध तरीके से पूरा किया जा सके।
हिमाचल में रेल नेटवर्क का विस्तार न केवल स्थानीय लोगों के लिए आवाजाही सुगम बनाएगा, बल्कि सामरिक दृष्टि से भी इसे अत्यंत महत्वपूर्ण माना जा रहा है। विशेष रूप से भानुपाली-बिलासपुर-लेह जैसी परियोजनाओं से सीमावर्ती क्षेत्रों तक पहुंच आसान होगी। रेल मंत्रालय का लक्ष्य है कि अत्याधुनिक सुरक्षा प्रणालियों (जैसे Kavach) और बेहतर बुनियादी ढांचे के साथ हिमाचल को देश के बाकी हिस्सों से पूरी तरह जोड़ दिया जाए।