शिमला/मनाली: हिमाचल प्रदेश में सक्रिय हुए Western Disturbance (पश्चिमी विक्षोभ) ने पूरे राज्य को कड़ाके की ठंड और बर्फ की सफेद चादर में लपेट दिया है। सोमवार को राज्य की ऊंची चोटियों सहित प्रमुख पर्यटन स्थलों पर जोरदार हिमपात दर्ज किया गया। मौसम विभाग के आंकड़ों के अनुसार, कल्पा में 13.6 सेंटीमीटर, कुकुमसेरी में 4.8, केलांग में 3 और मनाली में 2.5 सेंटीमीटर ताजा बर्फबारी हुई है। वहीं, राजधानी शिमला के पास कुफरी में भी बर्फ के फाहे गिरने से पर्यटकों के चेहरे खिल उठे हैं, हालांकि स्थानीय निवासियों के लिए दुश्वारियां बढ़ गई हैं।
बर्फबारी के साथ-साथ राज्य के निचले और मध्यवर्ती इलाकों में झमाझम बारिश ने जनजीवन प्रभावित किया है। भटियात में 21.2 मिलीमीटर और धर्मशाला में 16.3 मिलीमीटर वर्षा दर्ज की गई, जबकि शिमला, कांगड़ा और मंडी जैसे जिलों में मेघ गर्जना के साथ आसमानी बिजली भी कड़की। मनाली में स्थिति 'भीषण शीत दिवस' (Severe Cold Day) जैसी बनी रही, जहाँ तापमान गिरने से शीतलहर का प्रकोप चरम पर पहुँच गया है। बिलासपुर और मंडी के इलाकों में सुबह के समय घना कोहरा छाने से यातायात की रफ्तार भी धीमी पड़ गई है।
मौसम विज्ञान केंद्र शिमला (IMD Shimla) के अनुसार, मंगलवार को भी प्रदेश के कुछ ऊंचाई वाले इलाकों में बारिश और बर्फबारी की संभावना बनी रहेगी। हालांकि, 4 फरवरी से 7 फरवरी तक मौसम के मुख्य रूप से साफ रहने की उम्मीद है, जिससे लोगों को कड़ाके की ठंड से थोड़ी राहत मिल सकती है। लेकिन यह राहत ज्यादा समय तक नहीं टिकेगी, क्योंकि 5 फरवरी को एक और नया Western Disturbance सक्रिय होने जा रहा है, जो राज्य के मौसम को फिर से बदल सकता है।
ऊंचाई वाले इलाकों में पारा शून्य से कई डिग्री नीचे जाने के कारण प्रशासन ने पर्यटकों और स्थानीय लोगों को ऊंचे क्षेत्रों की ओर न जाने की सलाह दी है। सड़कों पर फिसलन बढ़ने के कारण Lahaul-Spiti और किन्नौर की कई सड़कों पर वाहनों की आवाजाही प्रभावित हुई है। लोक निर्माण विभाग (PWD) की टीमें मुख्य मार्गों से बर्फ हटाने के काम में जुटी हुई हैं ताकि आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति बनी रहे।