भारत-अमेरिका ट्रेड डील का बड़ा असर: रूसी तेल आयात पर लग सकता है ब्रेक, कंपनियों ने मांगी 'विंड-डाउन' मोहलत


नई दिल्ली: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बीच हुए ऐतिहासिक व्यापार समझौते के बाद भारत के ऊर्जा समीकरण तेजी से बदल रहे हैं। इस समझौते के तहत, अमेरिका ने भारतीय सामानों पर लगने वाले कुल टैरिफ को 50% से घटाकर 18% कर दिया है। इसके बदले में व्हाइट हाउस (White House) का दावा है कि भारत ने रूस से तेल खरीदना बंद करने और अमेरिका व वेनेजुएला (Venezuela) से आयात बढ़ाने की प्रतिबद्धता जताई है। हालांकि, भारतीय तेल रिफाइनिंग कंपनियों ने सरकार से 'विंड-डाउन' (Wind-down) अवधि की मांग की है। रिफाइनरों का कहना है कि उन्होंने फरवरी के लिए रूसी तेल के कार्गो पहले ही बुक कर लिए हैं, जो मार्च 2026 तक भारत पहुंचेंगे, इसलिए मौजूदा अनुबंधों को पूरा करने के लिए समय की आवश्यकता है।

फिलहाल, भारत सरकार ने तेल कंपनियों को रूसी तेल आयात रोकने का कोई औपचारिक लिखित आदेश जारी नहीं किया है। सूत्रों के अनुसार, भारत इस कटौती को चरणबद्ध तरीके से लागू करेगा। विशेष रूप से रूस समर्थित रिफाइनरी Nayara Energy के लिए यह एक बड़ी चुनौती है, क्योंकि वह अपनी 4 लाख बैरल प्रतिदिन की क्षमता के लिए पूरी तरह रूसी कच्चे तेल पर निर्भर है। रिफाइनरी अप्रैल में मेंटेनेंस के लिए बंद हो रही है, जिससे उस दौरान आयात में स्वतः गिरावट आएगी।

अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप के अनुसार, भारत ने भविष्य में $500 बिलियन से अधिक के अमेरिकी उत्पादों, जिसमें ऊर्जा और तकनीक शामिल है, को खरीदने का संकल्प लिया है। इस सौदे के हिस्से के रूप में, अमेरिका ने भारत पर लगाए गए उस अतिरिक्त 25% दंडात्मक टैरिफ को भी हटा लिया है जो रूसी तेल खरीद से जुड़ा था। हालांकि, प्रधानमंत्री मोदी ने Made in India उत्पादों पर शुल्क कम होने का स्वागत किया है, लेकिन रूसी तेल को लेकर अभी तक कोई सार्वजनिक आधिकारिक बयान नहीं दिया है।

विशेषज्ञों का मानना है कि भारत अब अपनी तेल आपूर्ति के लिए ओपेक (OPEC) देशों और वेनेजुएला की ओर रुख कर सकता है, जिससे रिलायंस (Reliance Industries) जैसी बड़ी कंपनियों को फायदा होने की उम्मीद है। आने वाले हफ्तों में यह स्पष्ट होगा कि भारत कितनी जल्दी रूसी तेल पर अपनी निर्भरता को शून्य पर ले जा पाता है और इसके बदले अमेरिकी ऊर्जा बाजार से अपनी जरूरतों को कैसे पूरा करता है।



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