नई दिल्ली: अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत की साख बढ़ने के साथ ही भारतीय पासपोर्ट (Indian Passport) की ताकत में भी जबरदस्त इजाफा हुआ है। 'हेनले पासपोर्ट इंडेक्स 2026' (Henley Passport Index 2026) की ताजा रिपोर्ट के अनुसार, भारत ने वैश्विक रैंकिंग में 10 अंकों का शानदार सुधार करते हुए 75वां स्थान हासिल कर लिया है। पिछले साल भारत 85वें स्थान पर था। इस रैंकिंग में सुधार का मतलब है कि अब भारतीय नागरिक दुनिया के 56 देशों में बिना किसी पूर्व वीजा के या 'वीजा-ऑन-अराइवल' की सुविधा के साथ यात्रा कर सकते हैं। हालांकि, इस बड़ी उपलब्धि के बीच ईरान और बोलीविया जैसे देशों ने भारतीयों के लिए एंट्री के नियमों को कड़ा कर दिया है, जिससे यात्रियों की चिंता बढ़ गई है।
रैंकिंग में इस उछाल का मुख्य कारण भारत के बढ़ते कूटनीतिक संबंध और कई देशों द्वारा भारतीय पर्यटकों के लिए वीजा नियमों में दी गई ढील है। थाईलैंड, श्रीलंका और कजाकिस्तान जैसे देशों ने भारतीयों के लिए वीजा-फ्री एंट्री की अवधि बढ़ाई है। लेकिन इसी दौरान, ईरान और बोलीविया ने अपनी नीतियों में बदलाव किया है। ईरान ने सुरक्षा कारणों और मानव तस्करी के बढ़ते मामलों को देखते हुए नवंबर 2025 से भारतीयों के लिए Visa-Free Entry की सुविधा को पूरी तरह खत्म कर दिया है।
भारतीय विदेश मंत्रालय (MEA) के अनुसार, ईरान में फर्जी नौकरी के बहाने भारतीयों को बुलाकर बंधक बनाने और फिरौती मांगने की घटनाओं के बाद यह कड़ा फैसला लिया गया है। अब भारतीयों को ईरान जाने के लिए पहले से ही वीजा लेना अनिवार्य होगा। वहीं, दक्षिण अमेरिकी देश बोलीविया ने भी अपनी 'वीजा-ऑन-अराइवल' सुविधा को बंद कर अब e-Visa अनिवार्य कर दिया है। इसका अर्थ है कि अब बोलीविया की यात्रा से पहले यात्रियों को ऑनलाइन आवेदन कर मंजूरी लेनी होगी, जिससे अब इसे पूरी तरह 'वीजा-मुक्त' श्रेणी में नहीं गिना जा सकता।
हेनले इंडेक्स के मुताबिक, सिंगापुर इस सूची में पहले स्थान पर बना हुआ है, जबकि जापान और दक्षिण कोरिया क्रमशः दूसरे और तीसरे स्थान पर हैं। भारतीय पासपोर्ट धारकों के लिए Visa-Free Destinations की सूची में भूटान, नेपाल, मॉरीशस और कई कैरेबियाई देश शामिल हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि ई-पासपोर्ट की शुरुआत और अंतरराष्ट्रीय उड़ानों की बढ़ती कनेक्टिविटी से आने वाले समय में भारतीय पासपोर्ट की रैंकिंग और भी बेहतर हो सकती है।