लुधियाना: पंजाब में मौसम के मिजाज में आ रहे बदलाव ने फरवरी के महीने में ही मार्च के अंत जैसी गर्मी का अहसास कराना शुरू कर दिया है। पिछले दो सप्ताह से लगातार आसमान साफ रहने और तेज धूप खिलने के कारण दिन के तापमान में जबरदस्त बढ़ोतरी दर्ज की गई है। रविवार को फरीदकोट पंजाब का सबसे गर्म जिला रहा, जहाँ अधिकतम तापमान 29 डिग्री सेल्सियस तक पहुँच गया, जो सामान्य से 6 डिग्री अधिक है। मौसम विशेषज्ञों के अनुसार, तापमान में यह अचानक उछाल गेहूं की फसल के लिए चिंता का विषय बन सकता है, क्योंकि फसल को पकने के लिए फिलहाल मध्यम ठंड की आवश्यकता है।
लुधियाना, बठिंडा और पटियाला जैसे प्रमुख शहरों में भी पारा 27 डिग्री सेल्सियस के आसपास बना हुआ है। केवल दिन ही नहीं, बल्कि रातों के तापमान में भी उल्लेखनीय वृद्धि देखी जा रही है। मोहाली में न्यूनतम तापमान 13.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य से 4 डिग्री अधिक है। पटियाला और लुधियाना में भी रातें पहले की तुलना में काफी गर्म महसूस की जा रही हैं। हालांकि, चंडीगढ़ और अमृतसर में अभी भी रात का पारा 8 से 10 डिग्री के बीच बना हुआ है, जिससे वहां सुबह-शाम की ठंडक बरकरार है।
भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के ताजा पूर्वानुमान के मुताबिक, सोमवार से पंजाब के आसमान पर बादलों का डेरा शुरू हो जाएगा। उत्तर-पश्चिम भारत में एक नया पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) सक्रिय हो रहा है, जिसका असर 17 और 18 फरवरी को देखने को मिलेगा। इस दौरान पंजाब के अधिकांश हिस्सों में बादल छाए रहने, तेज हवाएं चलने और हल्की वर्षा या बूंदाबांदी की प्रबल संभावना है। यह बारिश बढ़ते तापमान से राहत दिला सकती है और फसलों के लिए भी संजीवनी का काम करेगी।
मौसम विभाग (Punjab Weather Update) ने किसानों को सलाह दी है कि वे आने वाली बारिश को देखते हुए सिंचाई का प्रबंधन करें। पहाड़ी राज्यों हिमाचल और जम्मू-कश्मीर में होने वाली बर्फबारी के बाद चलने वाली सर्द हवाएं एक बार फिर से मैदानी इलाकों के तापमान में 2-3 डिग्री की गिरावट ला सकती हैं। फिलहाल, लोगों को गर्मी से हल्की राहत मिलने की उम्मीद जगी है, जो पिछले कई दिनों से शुष्क मौसम की मार झेल रहे थे।