जमशेदपुर के नामी स्कूल में खूनी संघर्ष: 7वीं के छात्र ने मोजे में छिपाकर रखा था घातक 'चापड़', मामूली विवाद में साथी को लहूलुहान किया



जमशेदपुर: लौहनगरी जमशेदपुर के सिदगोड़ा थाना क्षेत्र स्थित Ramakrishna Mission School में मंगलवार को एक ऐसी सनसनीखेज वारदात हुई, जिसने स्कूल सुरक्षा और किशोरों में बढ़ती हिंसा पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। सातवीं कक्षा के दो छात्रों के बीच हुए मामूली विवाद ने देखते ही देखते खूनी मोड़ ले लिया। बहस के दौरान एक 12 वर्षीय छात्र ने अपने मोजे (Socks) में छिपाकर रखा हुआ घातक 'चापड़' निकाला और अपने ही सहपाठी पर हमला कर दिया। इस अचानक हुए हमले से स्कूल परिसर में अफरा-तफरी मच गई और पीड़ित छात्र लहूलुहान होकर जमीन पर गिर पड़ा।

घटना की गंभीरता को देखते हुए स्कूल प्रबंधन ने तुरंत Sidhgora Police को सूचित किया। पुलिस ने मौके पर पहुँचकर हमलावर छात्र को हिरासत में लिया और वारदात में इस्तेमाल किया गया 'चापड़' बरामद कर लिया है। घायल छात्र को तत्काल इलाज के लिए स्थानीय अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहाँ प्राथमिक उपचार के बाद उसकी स्थिति स्थिर बताई जा रही है। पुलिस इस बात की गहराई से तफ्तीश कर रही है कि इतनी छोटी उम्र का बच्चा स्कूल के भीतर हथियार लेकर कैसे पहुँचा और उसे यह घातक वस्तु कहाँ से मिली।

जमशेदपुर में स्कूली छात्रों के बीच 'चापड़बाजी' का यह चलन एक खतरनाक ट्रेंड बनता जा रहा है। इससे पहले भी Motilal Nehru Public School (बिष्टुपुर) और कदमा थाना क्षेत्र के स्कूलों में इसी तरह की हिंसक वारदातें सामने आ चुकी हैं। मनोवैज्ञानिकों का मानना है कि सोशल मीडिया का प्रभाव और 'एंगर मैनेजमेंट' की कमी के कारण बच्चों में इस तरह की हिंसक प्रवृत्ति बढ़ रही है। हालाँकि, इस मामले में दोनों छात्रों के अभिभावकों ने बच्चों के भविष्य का हवाला देते हुए थाने में आपसी समझौता (Compromise) कर लिया है, लेकिन स्कूल प्रबंधन ने अनुशासनहीनता के तहत दोनों को कारण बताओ नोटिस जारी किया है।

mशहर के स्कूलों में बढ़ती इस Juvenile Violence को देखते हुए जिला शिक्षा विभाग और पुलिस प्रशासन अब स्कूलों में औचक निरीक्षण और बैग चेकिंग अभियान चलाने पर विचार कर रहा है। अभिभावकों से भी अपील की गई है कि वे अपने बच्चों की गतिविधियों और उनके बैग पर कड़ी नजर रखें ताकि भविष्य में ऐसी किसी बड़ी अनहोनी को रोका जा सके।



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