ममता बनर्जी की सुप्रीम कोर्ट में भावुक दलील: "मैं बंधुआ मजदूर हूं, कहीं न्याय नहीं मिल रहा"; बंगाल SIR विवाद पर चुनाव आयोग को नोटिस



नई दिल्ली: सुप्रीम कोर्ट के कोर्ट रूम नंबर एक में बुधवार को उस समय ऐतिहासिक दृश्य देखने को मिला, जब पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी (Mamata Banerjee) खुद अपनी दलीलें पेश करने के लिए मुख्य न्यायाधीश (CJI) सूर्यकांत की बेंच के सामने खड़ी हुईं। 'स्पेशल इंटेंसिव रिविजन' (Special Intensive Revision - SIR) प्रक्रिया के खिलाफ अपनी याचिका पर बहस करते हुए ममता बनर्जी ने चुनाव आयोग पर पश्चिम बंगाल को जानबूझकर निशाना बनाने का आरोप लगाया। उन्होंने बेहद भावुक अंदाज में कहा, "जब न्याय दरवाजे के पीछे रो रहा हो, तब हमें लगा कि हमें कहीं न्याय नहीं मिल रहा। मैं एक बंधुआ मजदूर हूं, मैं अपनी पार्टी और जनता के लिए लड़ रही हूं।"

ममता बनर्जी के वरिष्ठ वकील श्याम दीवान ने अदालत को बताया कि राज्य में लगभग 32 लाख अनमैप्ड वोटर्स हैं और 1.36 करोड़ नामों की सूची में तार्किक विसंगतियां हैं। उन्होंने दावा किया कि चुनाव आयोग दो महीने में वह काम पूरा करना चाहता है जिसमें कम से कम दो साल का समय लगता है। दलीलों के दौरान बंगाली से अंग्रेजी अनुवाद में पिता के नाम की गलतियों और शादी के बाद ससुराल गई बेटियों के नाम मतदाता सूची से हटाने जैसे उदाहरण भी पेश किए गए। मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि बंगाल को ही निशाना क्यों बनाया जा रहा है, जबकि असम जैसे राज्यों में ऐसी प्रक्रिया नहीं अपनाई जा रही।

मुख्यमंत्री ने अदालत में अखबारों की तस्वीरें दिखाते हुए कहा कि एसआईआर की यह पूरी कवायद सिर्फ नाम डिलीट करने के लिए की जा रही है। उन्होंने दावा किया कि इस दबाव के कारण कुछ BLO (बूथ लेवल ऑफिसर) ने आत्महत्या तक कर ली है। चीफ जस्टिस सूर्यकांत, जस्टिस जॉयमाल्य बागची और जस्टिस विपुल एम. पंचोली की बेंच ने इन याचिकाओं पर गंभीरता दिखाते हुए भारतीय चुनाव आयोग (Election Commission of India) को नोटिस जारी कर जवाब तलब किया है। मामले की अगली सुनवाई अब सोमवार को होगी।

इस मामले में तृणमूल कांग्रेस के सांसद डेरेक ओ'ब्रायन और डोला सेन ने भी याचिकाएं दायर की हैं। ममता बनर्जी की व्यक्तिगत उपस्थिति और उनके 'बंधुआ मजदूर' वाले बयान ने इस कानूनी लड़ाई को एक बड़ा राजनीतिक मोड़ दे दिया है। सुप्रीम कोर्ट का फैसला अब यह तय करेगा कि क्या चुनाव से पहले बंगाल में मतदाता सूची के पुनरीक्षण की प्रक्रिया पर रोक लगेगी या इसमें कोई संशोधन किया जाएगा।



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