पीलीभीत (उत्तर प्रदेश): उत्तर प्रदेश के पीलीभीत जिले के दियोरिया कोतवाली क्षेत्र से मानवता को शर्मसार कर देने वाली एक हृदयविदारक घटना सामने आई है। यहाँ एक 25 वर्षीय युवक ने अपनी ही ढाई साल की मासूम भतीजी को हवस का शिकार बनाया। घटना उस समय हुई जब बच्ची के माता-पिता किसी काम से बाहर गए थे और बच्ची की जिम्मेदारी उसके सगे चाचा को सौंप कर गए थे। आरोपी ने इस भरोसे का गला घोंटते हुए घर के भीतर मासूम के साथ दुष्कर्म किया। मामले की गंभीरता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि वारदात के बाद आरोपी राजेंद्र उर्फ नन्नू ने गांव के बाहर एक पेड़ से लटककर आत्महत्या कर ली।
पुलिस जांच में एक चौंकाने वाला तथ्य सामने आया है कि आरोपी ने दरिंदगी के दौरान घर में तेज आवाज में गाने चला दिए थे, ताकि मासूम की चीखें बाहर न जा सकें। जब माता-पिता घर लौटे तो मासूम लहूलुहान और अचेत अवस्था में मिली। बच्ची के निजी अंगों से अत्यधिक रक्तस्राव होने के कारण उसकी हालत अत्यंत नाजुक बनी हुई है। परिजनों ने आनन-फानन में उसे जिला अस्पताल में भर्ती कराया है, जहाँ डॉक्टरों की टीम उसकी जान बचाने की कोशिश कर रही है।
घटना की सूचना मिलते ही दियोरिया कोतवाली पुलिस और वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुँचे। पुलिस ने आरोपी के शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। स्थानीय ग्रामीणों में इस घटना को लेकर भारी रोष व्याप्त है। उत्तर प्रदेश पुलिस (UP Police) के अनुसार, मामले में POCSO Act और भारतीय न्याय संहिता (BNS) की गंभीर धाराओं के तहत केस दर्ज कर लिया गया है। हालांकि आरोपी की मौत हो चुकी है, लेकिन पुलिस हर पहलू से साक्ष्य जुटा रही है ताकि घटना की पूरी कड़ियाँ जोड़ी जा सकें।
परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है और वे अपनी उस भूल को कोस रहे हैं जिसके कारण मासूम एक दरिंदे के चंगुल में फंस गई। पुलिस प्रशासन ने पीड़ित परिवार को सुरक्षा और न्याय का आश्वासन दिया है। जिला अस्पताल के विशेषज्ञों की एक टीम बच्ची के स्वास्थ्य की निरंतर निगरानी कर रही है।