नई दिल्ली: देश की राजधानी के Rohini इलाके से एक दिल दहला देने वाली वारदात सामने आई है, जहाँ महज एक 'टोपी' को लेकर हुए विवाद में एक युवक की बेरहमी से हत्या कर दी गई। उत्तर-पश्चिम दिल्ली के विजय विहार इलाके में हुई इस घटना ने सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। पुलिस के अनुसार, 11 फरवरी को एक बिल्डिंग की छत पर तीन दोस्तों के बीच टोपी छीनने को लेकर बहस शुरू हुई थी। विवाद इतना बढ़ा कि मुख्य आरोपी ने अपने साथी की मदद से पीड़ित को दबोच लिया और उसके पेट में चाकू घोंप दिया।
इस मामले का सबसे चौंकाने वाला पहलू यह है कि घायल युवक को डरा-धमकाकर चुप करा दिया गया था। आरोपियों ने उसे चेतावनी दी थी कि वह किसी को सच न बताए, वरना अंजाम बुरा होगा। डर के मारे पीड़ित ने अपने परिवार और BSA Hospital के डॉक्टरों से झूठ बोला कि वह छत से लोहे की रॉड पर गिर गया है। इलाज के दौरान 13 फरवरी को युवक ने दम तोड़ दिया, लेकिन असली सच्चाई तब सामने आई जब 14 फरवरी को पोस्टमार्टम रिपोर्ट आई। डॉक्टरों ने स्पष्ट किया कि चोट किसी रॉड से गिरने की नहीं, बल्कि किसी धारदार हथियार से जानबूझकर किए गए वार की है।
पुलिस की शुरुआती जांच में सामने आया कि मुख्य आरोपी और पीड़ित एक ही बिल्डिंग में रहते थे। वारदात के बाद मुख्य आरोपी अपने पूरे परिवार के साथ फरार हो गया है। हालांकि, दिल्ली पुलिस (Delhi Police) ने त्वरित कार्रवाई करते हुए हमले में शामिल एक नाबालिग साथी को हिरासत में ले लिया है। फॉरेंसिक और क्राइम टीमों ने घटनास्थल से साक्ष्य जुटा लिए हैं और फरार आरोपी की तलाश में कई जगहों पर छापेमारी की जा रही है।
इस घटना ने स्थानीय निवासियों में दहशत का माहौल पैदा कर दिया है। पुलिस ने BNS (भारतीय न्याय संहिता) की धारा 103 के तहत हत्या का मामला दर्ज कर लिया है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट के खुलासे ने आरोपियों के उस झूठ की पोल खोल दी है, जिसके सहारे वे इस जघन्य अपराध को 'हादसा' बताने की कोशिश कर रहे थे। विजय विहार थाना पुलिस अब यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि क्या इन लड़कों का कोई पुराना आपराधिक रिकॉर्ड भी रहा है।