वाशिंगटन/ओटावा: अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump और कनाडा के नए प्रधानमंत्री Mark Carney के बीच व्यापारिक युद्ध (Trade War) अब एक बेहद दिलचस्प और तल्ख मोड़ पर पहुँच गया है। सोमवार को एयरफोर्स वन में पत्रकारों से बात करते हुए ट्रंप ने कनाडा को चेतावनी दी कि यदि वह चीन के साथ किसी भी बड़े व्यापारिक समझौते पर आगे बढ़ता है, तो अमेरिका 'बहुत बड़ा कदम' उठाएगा। ट्रंप ने अपने ही अंदाज में चुटकी लेते हुए कहा कि चीन कनाडा पर कब्जा करना चाहता है और यदि ऐसा हुआ, तो वे सबसे पहले कनाडा के राष्ट्रीय खेल Ice Hockey पर प्रतिबंध लगा देंगे।
विवाद की शुरुआत तब हुई जब जनवरी 2026 में कनाडाई प्रधानमंत्री मार्क कार्नी ने बीजिंग की यात्रा की और राष्ट्रपति शी जिनपिंग के साथ एक प्रारंभिक व्यापारिक समझौता किया। इस समझौते के तहत कनाडा में चीनी इलेक्ट्रिक वाहनों (EVs) के आयात पर शुल्क कम करने और बदले में चीन द्वारा कनाडाई कृषि उत्पादों पर टैरिफ घटाने की बात कही गई थी। ट्रंप ने इस पर सख्त नाराजगी जताते हुए पहले ही कनाडा पर 100% Tariffs लगाने की धमकी दे दी थी। ट्रंप का तर्क है कि कनाडा चीन के लिए एक 'ड्रॉप-ऑफ पोर्ट' बनकर अमेरिकी बाजार को नुकसान पहुँचा रहा है।
ट्रंप की धमकियों के बाद प्रधानमंत्री मार्क कार्नी ने सफाई देते हुए कहा है कि कनाडा का चीन के साथ कोई 'फ्री ट्रेड एग्रीमेंट' (FTA) करने का इरादा नहीं है और वे USMCA (अमेरिका-मेक्सिको-कनाडा समझौता) की शर्तों का पूरी तरह पालन कर रहे हैं। हालांकि, ट्रंप का रुख अभी भी कड़ा बना हुआ है। वे सार्वजनिक रूप से कनाडा को अमेरिका का 51st State (51वां राज्य) और कनाडाई पीएम को 'गवर्नर' कहकर संबोधित कर रहे हैं, जो ओटावा में कूटनीतिक तनाव का कारण बन गया है।
कनाडा में Justin Trudeau के इस्तीफे के बाद मार्च 2025 में सत्ता संभालने वाले मार्क कार्नी के लिए यह अब तक की सबसे बड़ी विदेश नीति चुनौती बन गई है। एक ओर जहाँ कनाडा अपनी आर्थिक निर्भरता अमेरिका से कम करना चाहता है, वहीं ट्रंप का 'अमेरिका फर्स्ट' एजेंडा पड़ोसी देशों पर भारी पड़ रहा है। इस बीच, ट्रंप ने ईरान के प्रति अपनी नरमी का संकेत देकर यह जता दिया है कि उनकी प्राथमिकताएँ अब व्यापारिक सौदों और क्षेत्रीय प्रभुत्व की ओर अधिक झुकी हुई हैं।