उज्जैन: विश्व प्रसिद्ध ज्योतिर्लिंग भगवान श्री महाकालेश्वर मंदिर में महाशिवरात्रि महापर्व की तैयारियां युद्ध स्तर पर शुरू हो गई हैं। बाबा महाकाल की नगरी में यह उत्सव केवल एक दिन नहीं, बल्कि पूरे 9 दिनों तक 'शिव नवरात्रि' के रूप में मनाया जाता है। इस वर्ष 6 फरवरी से इस दिव्य उत्सव का शुभारंभ होगा, जो 15 फरवरी तक चलेगा। मंदिर के पुजारी पंडित महेश शर्मा के अनुसार, इन 9 दिनों में बाबा महाकाल अपने भक्तों को नौ अलग-अलग स्वरूपों में दर्शन देंगे। उत्सव के पहले दिन बाबा को विशेष दुशाला ओढ़ाकर श्रृंगार किया जाएगा, जबकि दूसरे दिन वह शेषनाग स्वरूप में दर्शन देंगे।
शिव-विवाह की इस बेला में मंदिर के गर्भगृह की सफाई, शिखर का रंग-रोगन और कुंड़ों की स्वच्छता का कार्य जोर-शोर से चल रहा है। 15 फरवरी को महाशिवरात्रि के मुख्य पर्व पर बाबा का 'दूल्हा स्वरूप' में श्रृंगार किया जाएगा, जिसे Sehra Darshan (सेहरा दर्शन) कहा जाता है। इस दौरान चार प्रहर की विशेष पूजा और आरती होगी। मंदिर समिति ने श्रद्धालुओं के लिए Jaldhari (जलधारी) अर्पित करने की सुगम व्यवस्था की है ताकि बड़ी संख्या में आने वाले भक्त बिना किसी बाधा के दर्शन कर सकें।
श्रद्धालुओं की संभावित भारी भीड़ को देखते हुए उज्जैन कलेक्टर और मंदिर प्रबंध समिति के अध्यक्ष रोशन कुमार सिंह ने प्रशासनिक अमले के साथ Shri Mahakal Lok और मंदिर परिसर का विस्तृत निरीक्षण किया है। अधिकारियों ने भीड़ प्रबंधन (Crowd Management), सुरक्षा व्यवस्था और श्रद्धालुओं के लिए मूलभूत सुविधाओं जैसे पेयजल और छाया की व्यवस्थाओं का जायजा लिया। दर्शन मार्ग को इस तरह डिजाइन किया जा रहा है कि लाखों की संख्या में आने वाले भक्तों को कम से कम समय में बाबा के दर्शन सुलभ हो सकें।
महाकाल मंदिर प्रशासक ने बताया कि निर्माण एजेंसियों को सभी कार्य समय-सीमा के भीतर पूर्ण करने के निर्देश दिए गए हैं। Ujjain Mahakal मंदिर में महाशिवरात्रि के दौरान सुरक्षा के कड़े इंतजाम रहेंगे और चप्पे-चप्पे पर सीसीटीवी कैमरों से निगरानी रखी जाएगी। उत्सव के दौरान हर शाम मंदिर परिसर में सुप्रसिद्ध कलाकारों द्वारा भजन और सांस्कृतिक प्रस्तुतियां भी दी जाएंगी, जो शिव-विवाह के इस आनंद को और द्विगुणित करेंगी।