जयपुर: गुलाबी नगरी की लाइफलाइन कही जाने वाली जयपुर मेट्रो (Jaipur Metro) अब एक बड़े बदलाव की दहलीज पर खड़ी है। जल्द ही इसका नाम बदलकर 'राजस्थान मेट्रो रेलवे निगम' (RMRC) कर दिया जाएगा। इस बदलाव के साथ ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इस वित्तीय वर्ष के अंतिम महीने यानी मार्च 2026 में बहुप्रतीक्षित जयपुर मेट्रो लाइन-2 की आधारशिला रख सकते हैं। जयपुर मेट्रो रेलवे निगम (JMRC) के वरिष्ठ अधिकारियों के अनुसार, राज्य सरकार ने इस संबंध में प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) को प्रस्ताव भेज दिया है और शिलान्यास समारोह की तैयारियों को अंतिम रूप दिया जा रहा है।
नाम बदलने के पीछे का मुख्य कारण जयपुर मेट्रो के प्रशासनिक ढांचे में होने वाला बड़ा बदलाव है। वर्तमान में कोलकाता मेट्रो को छोड़कर जयपुर मेट्रो देश की एकमात्र मेट्रो है, जिसका निर्माण और संचालन पूरी तरह राज्य सरकार द्वारा किया गया है। अब इसे केंद्र और राज्य के बीच एक संयुक्त उद्यम (Joint Venture) इकाई में बदला जा रहा है। अधिकारियों का मानना है कि 'राजस्थान मेट्रो' नाम होने से भविष्य में प्रदेश के अन्य बड़े शहरों जैसे जोधपुर या कोटा में मेट्रो विस्तार की राह आसान हो जाएगी।
मेट्रो लाइन-2 की परियोजना को केंद्रीय मंत्रिमंडल से अंतिम मंजूरी मिलना अभी बाकी है, लेकिन अधिकारियों को उम्मीद है कि पीएमओ से शिलान्यास की तिथि और कैबिनेट की मंजूरी एक साथ प्राप्त होगी। लाइन-2 का निर्माण शहर की बढ़ती ट्रैफिक समस्या को कम करने में मील का पत्थर साबित होगा। इस नई लाइन के शुरू होने से सीतापुरा से अम्बाबाड़ी तक का सफर सुगम हो जाएगा, जिससे लाखों दैनिक यात्रियों को लाभ मिलेगा।
राजस्थान सरकार और जेएमआरसी की टीम इस समय Project Financing और रूट के तकनीकी पहलुओं पर बारीकी से काम कर रही है। केंद्र सरकार की हिस्सेदारी बढ़ने से इस परियोजना को न केवल वित्तीय मजबूती मिलेगी, बल्कि निर्माण कार्य की गति में भी तेजी आने की उम्मीद है। जयपुर के निवासी इस विस्तार को लेकर काफी उत्साहित हैं क्योंकि यह शहर के आर्थिक विकास को नई गति प्रदान करेगा।