उत्तर भारत में फिर पलटेगा मौसम: पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय, पहाड़ों पर बर्फबारी और मैदानों में बारिश का डबल अलर्ट



नई दिल्ली: उत्तर भारत में सर्दी की विदाई के बीच मौसम का मिजाज एक बार फिर करवट लेने को तैयार है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने एक सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) की चेतावनी जारी की है, जिसके चलते पहाड़ों पर भारी बर्फबारी और मैदानी इलाकों में बारिश की प्रबल संभावना बन रही है। 17 और 18 फरवरी 2026 को जम्मू-कश्मीर, लद्दाख और हिमाचल प्रदेश के ऊपरी इलाकों में ताजा हिमपात देखने को मिलेगा, जबकि पंजाब, हरियाणा और राजस्थान के मैदानी क्षेत्रों में तेज हवाओं के साथ हल्की बूंदाबांदी ठंडक का अहसास कराएगी।

मौसम विभाग के अनुसार, इस मौसमी बदलाव का असर उत्तर प्रदेश के पश्चिमी हिस्सों तक फैलने की उम्मीद है। अगले 48 घंटों के दौरान रात के तापमान में 2-3 डिग्री सेल्सियस की बढ़ोतरी दर्ज की जा सकती है, लेकिन बर्फबारी के बाद चलने वाली ठंडी हवाओं से पारा एक बार फिर गोता लगाएगा। दिल्ली-NCR में फिलहाल दिन का तापमान सामान्य से ऊपर बना हुआ है, लेकिन सोमवार सुबह छाई धुंध और आने वाली संभावित बारिश के चलते अधिकतम तापमान में गिरावट आ सकती है।

मैदानी राज्यों के साथ-साथ दक्षिण और पश्चिम भारत के मौसम में भी विविधता देखी जा रही है। जहां महाराष्ट्र में अगले कुछ दिनों में तापमान बढ़ने के आसार हैं, वहीं कर्नाटक और गोवा के तटीय इलाकों के लिए 'हॉट एंड ह्यूमिड' (Hot and Humid) वेदर का अलर्ट जारी किया गया है। अंडमान और निकोबार द्वीप समूह में भी अगले पांच दिनों तक बारिश का सिलसिला थमने वाला नहीं है, जिससे वहां के पर्यटन और सामान्य जनजीवन पर असर पड़ सकता है।

दिल्ली में रविवार को अधिकतम तापमान 28.5°C दर्ज किया गया, जो औसत से 4 डिग्री अधिक है। IMD Weather Update के मुताबिक, कमजोर पश्चिमी विक्षोभ के कारण मैदानी इलाकों में तेज हवाओं की रफ्तार 30-40 किमी प्रति घंटा रह सकती है, जो सुबह और शाम की ठंडक को बरकरार रखेगी। किसानों को भी सलाह दी गई है कि वे बदलते मौसम और संभावित बारिश को देखते हुए अपनी फसलों का प्रबंधन करें।



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