ईरान के पूर्व सर्वोच्च नेता अली खामेनेई के अंतिम संस्कार में हंगामा, विदेश मंत्री अब्बास अराघची को 'देशद्रोही' कह खदेड़ा



तेहरान: ईरान के पूर्व सर्वोच्च नेता अली खामेनेई के निधन के बाद देश में राजनीतिक अनिश्चितता और आंतरिक कलह लगातार बढ़ती जा रही है। पूर्व सर्वोच्च नेता के अंतिम संस्कार के दौरान उस समय एक अप्रत्याशित और नाटकीय घटनाक्रम देखने को मिला, जब ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची (Abbas Araghchi) को कथित तौर पर उग्र प्रदर्शनकारियों के भारी विरोध का सामना करना पड़ा। विभिन्न मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक, अंतिम संस्कार में मौजूद भीड़ में से कुछ लोगों ने उन्हें "देशद्रोही" और "समझौतावादी" कहकर उनके खिलाफ तीखी नारेबाजी की। विरोध प्रदर्शन इस कदर बढ़ गया कि विदेश मंत्री को सुरक्षा घेरे में यह शोक कार्यक्रम बीच में ही छोड़कर जाने पर मजबूर होना पड़ा।

अमेरिका से बातचीत को लेकर फूटा कट्टरपंथियों का गुस्सा, फेंके गए पत्थर

CNN की रिपोर्ट के अनुसार, ईरान के कट्टरपंथी गुटों का मानना है कि विदेश मंत्री अराघची ने अमेरिका के साथ युद्धविराम (Ceasefire) और आर्थिक प्रतिबंधों में राहत पाने के लिए बातचीत की मेज पर जाकर ईरान की पारंपरिक क्रांतिकारी नीतियों के साथ बड़ा समझौता किया है। इसी आक्रोश की वजह से अंतिम संस्कार के संवेदनशील मौके पर मौजूद लोगों का गुस्सा भड़क उठा। अंतरराष्ट्रीय मीडिया रिपोर्ट्स में यह दावा भी किया गया है कि हिंसक विरोध के दौरान कुछ असामाजिक तत्वों ने कथित तौर पर अराघची की ओर पत्थर भी फेंके।

गौरतलब है कि अराघची पिछले कुछ समय से अमेरिका के साथ राजनयिक बातचीत और युद्धविराम के प्रयासों का प्रमुख चेहरा रहे हैं। कट्टरपंथी नेताओं का सीधा आरोप है कि उन्होंने ईरान की संप्रभुता और विदेश नीति को कमजोर किया तथा वाशिंगटन के सामने बेहद नरम रुख अपनाया।

युद्धविराम टूटने के बाद ईरान में आंतरिक सत्ता संघर्ष तेज

हालिया दिनों में अमेरिका के साथ युद्धविराम टूटने के बाद से कट्टरपंथी गुटों ने मौजूदा सरकार पर चौतरफा दबाव बेहद बढ़ा दिया है। ये गुट अब अमेरिका और इजरायल के खिलाफ और अधिक आक्रामक व सैन्य रुख अपनाने की लगातार मांग कर रहे हैं।

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि देश के सबसे बड़े नेता के अंतिम संस्कार के दौरान हुआ यह सार्वजनिक विरोध इस बात का साफ संकेत है कि ईरान के भीतर सत्ता के शीर्ष गलियारों और विदेश नीति को लेकर गहरे मतभेद अब खुलकर सतह पर आने लगे हैं। हालांकि, इन हिंसक और अप्रिय घटनाओं के बावजूद अभी तक ईरानी सरकार की ओर से विदेश मंत्री अब्बास अराघची के खिलाफ किसी भी तरह की दंडात्मक कार्रवाई या उन्हें पद से हटाने के संकेत नहीं मिले हैं।


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