श्रीनगर: भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) द्वारा जम्मू-कश्मीर में खराब मौसम और भारी बारिश के पूवार्नुमान के बाद प्रशासन ने एक बड़ा फैसला लिया है। रविवार, 19 जुलाई 2026 से श्री अमरनाथ जी यात्रा को पहलगाम और बालटाल दोनों ही रास्तों से कुछ समय के लिए अस्थायी रूप से रोक दिया जाएगा। शनिवार को आधिकारिक तौर पर इसकी घोषणा करते हुए प्रशासनिक अधिकारियों ने बताया कि यह एहतियाती कदम पूरी तरह से तीर्थयात्रियों की सुरक्षा, स्वास्थ्य और भलाई को सुनिश्चित करने के लिए उठाया गया है, क्योंकि पहाड़ी रास्तों पर मूसलाधार बारिश के चलते भूस्खलन और फिसलन का खतरा काफी बढ़ जाता है।
कश्मीर के डिविजनल कमिश्नर (Divisional Commissioner) अंशुल गर्ग ने इस संबंध में विस्तृत जानकारी देते हुए स्पष्ट किया कि रविवार सुबह से किसी भी तीर्थयात्री को बालटाल और नुनवान/चंदनवाड़ी बेस कैंप (Base Camp) से आगे पवित्र गुफा की ओर जाने की इजाजत नहीं दी जाएगी। श्रद्धालुओं को फिलहाल सुरक्षित स्थानों और कैंपों में ही रुकने के निर्देश दिए गए हैं। प्रशासन द्वारा जारी आधिकारिक बयान के मुताबिक, आगामी दिनों में मौसम की स्थिति की पूरी समीक्षा और जांच करने के बाद ही यात्रा को दोबारा बहाल किया जाएगा। जब यह पूरी तरह पक्का हो जाएगा कि ट्रैक श्रद्धालुओं के चलने के लिए सुरक्षित हैं, तभी यात्रा शुरू होगी और इसके लिए उचित समय पर नई गाइडलाइंस व अपडेट्स जारी किए जाएंगे।
प्रशासनिक आंकड़ों के अनुसार, इस साल शुरू हुई पवित्र अमरनाथ यात्रा (Amarnath Yatra) ने अब तक एक नया कीर्तिमान स्थापित किया है। यात्रा की शुरुआत से लेकर अब तक 3.70 लाख से ज्यादा श्रद्धालु पवित्र गुफा मंदिर में बाबा बर्फानी के सफल दर्शन कर चुके हैं। पवित्र गुफा और रास्तों पर सुरक्षा व लॉजिस्टिक्स के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं और आपदा प्रबंधन (Disaster Management) की टीमों को भी अलर्ट पर रखा गया है।