सोनीपत (हरियाणा): भारतीय रेलवे के इतिहास में एक नया स्वर्णिम अध्याय जुड़ गया है। देश की पहली हाइड्रोजन ईंधन चालित ट्रेन (Hydrogen Train) अपने ऐतिहासिक सफर का हिस्सा बने यात्रियों को लेकर जब सोनीपत रेलवे स्टेशन पहुंची, तो वहां मौजूद छात्राओं और प्राध्यापकों के चेहरों पर एक अलग ही उत्साह और गर्व देखने को मिला। मोहाना स्टेशन से सोनीपत तक की इस पहली आधिकारिक यात्रा के दौरान यात्रियों ने ट्रेन की आधुनिक तकनीकों और पर्यावरण अनुकूल (Eco-friendly) सुविधाओं को बेहद करीब से महसूस किया और सफर पूरा होने के बाद अपने सुखद व कभी न भूलने वाले अनुभव साझा किए।
इस ऐतिहासिक यात्रा का हिस्सा बनीं हिंदू कॉलेज की एसोसिएट प्रोफेसर निधि गुप्ता ने बताया कि कॉलेज से ई-बस के माध्यम से मोहाना स्टेशन पहुंचने के बाद वे छात्राओं के साथ इस अत्याधुनिक ट्रेन में सवार हुईं। उन्होंने ट्रेन के शांत और आरामदायक सफर की सराहना करते हुए कहा कि यह बिल्कुल भी शोर नहीं करती है और यात्रियों की सुविधा के लिए इसमें वर्ल्ड-क्लास व्यवस्थाएं की गई हैं। वहीं एनसीसी (NCC) कैडेट रिया और छात्रा प्रिया ने इसे देश के लिए गर्व का क्षण बताया। छात्राओं के अनुसार, जींद-सोनीपत रूट पर इस प्रदूषण मुक्त साधन की शुरुआत ग्रामीण क्षेत्रों से उच्च शिक्षा के लिए शहर आने-जाने वाली छात्राओं के लिए एक बेहतरीन, सुरक्षित और समय बचाने वाली बड़ी सौगात साबित होगी।
पारंपरिक ट्रेनों के विपरीत, इस हाइड्रोजन ट्रेन में यात्रियों को बिल्कुल भी झटके या तेज आवाज महसूस नहीं हुई। यात्रियों ने इसकी साफ-सफाई और अत्याधुनिक बनावट को देखते हुए इसे 'भविष्य की ट्रेन' (Train of the Future) करार दिया है। Indian Railways द्वारा शुरू की गई यह तकनीक देश में शून्य कार्बन उत्सर्जन (Zero Carbon Emission) के लक्ष्य को हासिल करने और ग्रीन ट्रांसपोर्टेशन को बढ़ावा देने की दिशा में एक क्रांतिकारी कदम मानी जा रही है।