नई दिल्ली: Apple ने एक बार फिर टेक जगत में अपनी बादशाहत साबित करते हुए दुनिया की सबसे मूल्यवान कंपनी का ताज अपने नाम कर लिया है। इस रेस में ऐपल ने Nvidia को पछाड़कर नंबर 1 का स्थान हासिल किया है। अप्रैल 2025 के बाद यह पहला मौका है जब ऐपल मार्केट कैपिटलाइजेशन (बाजार पूंजीकरण) के मामले में शीर्ष पर पहुंची है। बाजार के जानकारों का मानना है कि निवेशक अब शुरुआती AI Boom से आगे बढ़कर व्यावहारिक संभावनाओं की तलाश कर रहे हैं, जिसका सीधा फायदा आईफोन निर्माता कंपनी को मिला है।
ताजा रिपोर्ट्स के अनुसार, शानदार बढ़त के साथ ऐपल का मार्केट कैप लगभग 4.88 ट्रिलियन डॉलर पर पहुंच गया है। वहीं दूसरी ओर, एनवीडिया के शेयरों में 3.5% की गिरावट दर्ज की गई, जिसके बाद उसका बाजार मूल्यांकन घटकर 4.86 ट्रिलियन डॉलर रह गया। टेक इंडस्ट्री के समीकरणों में इसे एक बेहद महत्वपूर्ण और बड़ा बदलाव माना जा रहा है।
जून 2025 से एनवीडिया के पास था नंबर 1 का खिताब
गौर करने वाली बात यह है कि जून 2025 से लगातार एनवीडिया दुनिया की सबसे वैल्यूबल कंपनी बनी हुई थी। AI Models और बड़े डेटा सेंटर्स में इस्तेमाल होने वाले एडवांस्ड ग्राफिक्स प्रोसेसिंग यूनिट्स (GPU) की भारी डिमांड के चलते एनवीडिया के शेयरों ने रिकॉर्ड ऊंचाइयों को छुआ था। एक समय ऐसा भी था जब ऐपल को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की दौड़ में Microsoft, Google और Meta जैसी दिग्गज कंपनियों से पीछे आंका जा रहा था, लेकिन अब निवेशकों का नजरिया तेजी से बदल रहा है।
इस तरह ऐपल को मिला रणनीतिक फायदा
ऐपल की यह धमाकेदार वापसी ऐसे मोड़ पर हुई है जब वॉल स्ट्रीट और वैश्विक निवेशक यह आकलन करने में जुटे हैं कि एआई क्रांति के अगले चरण में असल कमाई किस कंपनी की होगी। एनवीडिया के विपरीत, ऐपल का बिजनेस मॉडल पूरी तरह से अलग है। कंपनी भारी-भरकम एआई बुनियादी ढांचे या विशाल डेटा सेंटर्स पर अंधाधुंध खर्च करने के बजाय अपने अरबों डिवाइसेज और मजबूत सर्विस ईकोसिस्टम के जरिए एआई को भुनाने की योजना पर काम कर रही है।
हाल ही में ऐपल ने अपने बहुप्रतीक्षित New Siri को पेश किया है, जो एडवांस्ड एआई फीचर्स से लैस है। कंपनी को पूरा भरोसा है कि यह नया और स्मार्ट वॉइस असिस्टेंट उसे एआई स्टार्टअप्स और अन्य प्रतिस्पर्धी टेक कंपनियों की तुलना में बाजार में कहीं मजबूत और व्यावहारिक बढ़त दिलाएगा। हालांकि, इस उलटफेर के बावजूद एनवीडिया की स्थिति कमजोर नहीं हुई है; जनरेटिव एआई मॉडल्स को ट्रेन करने के लिए आज भी दुनिया भर में उसी के चिप्स का दबदबा है।