नई दिल्ली: भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के अनुसार, अगले 24 घंटे में देश के मौसम का मिजाज पूरी तरह बदलने वाला है। दिल्ली-एनसीआर समेत पूरे उत्तर भारत में उमस भरी गर्मी से परेशान लोगों को जल्द ही बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है। मौसम विभाग ने आज 19 जुलाई को मानसून के सक्रिय होने के चलते उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखंड, पश्चिम बंगाल, असम और मेघालय समेत 11 राज्यों में भारी से बहुत भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। इसके अलावा, उत्तराखंड और उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल-सिक्किम में कुछ जगहों पर अत्यधिक भारी बारिश की चेतावनी दी गई है, जबकि दिल्ली, हरियाणा, पंजाब और राजस्थान में भी झमाझम बारिश के आसार हैं।
मौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक, पश्चिम बंगाल और झारखंड के ऊपर बना कम दबाव का क्षेत्र भले ही कमजोर पड़ गया हो, लेकिन उससे जुड़ा चक्रवाती परिसंचरण (Cyclonic Circulation) अभी भी पूरी तरह सक्रिय है। इस समय मानसून ट्रफ पंजाब से लेकर बंगाल की खाड़ी तक फैला हुआ है, जबकि उत्तर प्रदेश, हरियाणा, मध्य प्रदेश, ओडिशा और दक्षिण भारत के ऊपर बने कई चक्रवाती सिस्टम लगातार नमी खींच रहे हैं। यही वजह है कि अगले 24 घंटों के दौरान देश के एक बड़े हिस्से में तेज बारिश, गरज-चमक और बिजली गिरने की घटनाएं देखने को मिल सकती हैं।
दिल्ली-एनसीआर में मिलेगी राहत, जलभराव का खतरा
राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली और इससे सटे आसपास के इलाकों में रविवार को मौसम का मिजाज पूरी तरह बदला हुआ नजर आएगा। सुबह से ही आसमान में बादलों की आवाजाही बनी रहेगी और दिन चढ़ने के साथ कई इलाकों में तेज बौछारें पड़ने की संभावना है। मौसम विभाग ने दिल्ली, हरियाणा और पंजाब में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है, जिससे तापमान में गिरावट आएगी और उमस से राहत मिलेगी। हालांकि, तेज बारिश होने पर आईटीओ, मिंटो ब्रिज और रिंग रोड सहित अन्य निचले इलाकों में जलभराव (Waterlogging) की स्थिति बन सकती है, जिससे सुबह और शाम के समय ट्रैफिक प्रभावित होने की आशंका है।
यूपी में मेघ मेहरबान, उत्तराखंड में भूस्खलन का बड़ा खतरा
उत्तर प्रदेश में मानसून पूरे शबाब पर रहेगा, जहां पूर्वी उत्तर प्रदेश के कई जिलों में भारी बारिश की संभावना है, जबकि पश्चिमी यूपी में भी अच्छी बारिश का अनुमान है। मौसम विभाग ने गरज-चमक के साथ बिजली गिरने की चेतावनी जारी करते हुए लोगों से खुले मैदानों, पेड़ों और बिजली के खंभों के पास जाने से बचने की अपील की है।
दूसरी ओर, उत्तराखंड के कई जिलों में भारी से बहुत भारी और कहीं-कहीं अत्यधिक भारी बारिश का रेड अलर्ट जारी किया गया है। लगातार बारिश के चलते पहाड़ों में भूस्खलन (Landslide), चट्टानें गिरने और नदियों के उफान पर आने का खतरा बढ़ गया है। इसे देखते हुए चारधाम यात्रा मार्गों पर भी अतिरिक्त सतर्कता बरतने की सलाह दी गई है, क्योंकि कई जगह सड़कें बाधित हो सकती हैं।
बिहार-झारखंड में भी बारिश का जोर
बिहार में रविवार को मानसून पूरी ताकत के साथ सक्रिय रहेगा। राज्य के खासकर उत्तर और मध्य बिहार के कई जिलों में भारी से बहुत भारी बारिश के कारण नदियों का जलस्तर बढ़ सकता है। मौसम विभाग ने किसानों और खुले क्षेत्रों में काम करने वाले लोगों को आकाशीय बिजली से सतर्क रहने की सलाह दी है। झारखंड की राजधानी रांची समेत लगभग सभी हिस्सों में बारिश का दौर जारी रहेगा। कुछ इलाकों में भारी बारिश के साथ तेज हवाएं भी चल सकती हैं, जिससे शहरी इलाकों में जलभराव और ग्रामीण क्षेत्रों में सड़क संपर्क प्रभावित होने की आशंका है।
पहाड़ों और पूर्वोत्तर राज्यों में मौसम बना चुनौती
जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में अगले 24 घंटे बेहद संवेदनशील रहने वाले हैं। पहाड़ी इलाकों में अचानक आने वाली बाढ़ (Flash Floods), भूस्खलन और चट्टानें गिरने जैसी घटनाएं बढ़ सकती हैं, इसलिए स्थानीय प्रशासन ने यात्रियों को नदी-नालों से दूर रहने की हिदायत दी है।
पूर्वोत्तर भारत के असम, मेघालय, अरुणाचल प्रदेश, नगालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में भी रविवार को अच्छी बारिश का दौर जारी रहेगा। असम और मेघालय के कुछ हिस्सों में बहुत भारी बारिश से निचले इलाकों में जलभराव की स्थिति बन सकती है। इसके साथ ही उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम में अत्यधिक भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है।
मध्य, दक्षिण भारत का हाल और मछुआरों के लिए चेतावनी
मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, महाराष्ट्र के कोंकण क्षेत्र, गोवा और गुजरात में भी बारिश का सिलसिला जारी रहेगा। दक्षिण भारत की बात करें तो केरल, तटीय व आंतरिक कर्नाटक, तमिलनाडु, तेलंगाना और आंध्र प्रदेश में गरज-चमक के साथ 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं।
IMD Alert: मौसम विभाग ने अरब सागर और बंगाल की खाड़ी में समुद्र के उग्र रहने की चेतावनी दी है। अरब सागर में 45 से 55 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं। ऐसे में मछुआरों को अगले कुछ दिनों तक समुद्र में नहीं जाने की सलाह दी गई है। प्रशासन ने लोगों से अनावश्यक यात्रा से बचने और स्थानीय एडवाइजरी का पालन करने की अपील की है।