बहादुरगढ़ के छारा में खूनी संघर्ष, टोल प्लाजा सिक्योरिटी ठेकेदार की गोलियां मारकर हत्या, भतीजा गंभीर रूप से घायल


बहादुरगढ़ / झज्जर: बहादुरगढ़ के गांव छारा में दो पक्षों के बीच हुई मामूली कहासुनी ने अचानक एक खूनी रूप ले लिया। इस हिंसक विवाद के दौरान छारा टोल प्लाजा के सिक्योरिटी ठेकेदार की गोलियां मारकर निर्मम हत्या कर दी गई जबकि उसका सगा भतीजा गोली लगने से गंभीर रूप से घायल हो गया। आसौदा थाना पुलिस ने घायल भतीजे की लिखित शिकायत पर छह नामजद आरोपियों के खिलाफ हत्या, जान से मारने का प्रयास और आर्म्स एक्ट सहित विभिन्न धाराओं के तहत केस दर्ज कर आरोपियों की तलाश शुरू कर दी है।

मृतक की पहचान करीब 45 वर्षीय नीरज के रूप में हुई है। पेशे से ठेकेदार नीरज ने छारा टोल प्लाजा पर सिक्योरिटी का ठेका ले रखा था। जानकारी के अनुसार यह खौफनाक वारदात शनिवार रात करीब 12 बजे अंजाम दी गई। पुलिस जांच में सामने आया है कि मृतक नीरज और उसके भतीजे को फोन करके आरोपी पक्ष ने बातचीत के बहाने बुलाया था। जब दोनों वहां पहुंचे तो आरोपियों ने उन पर हमला बोल दिया। आरोप है कि उसी दौरान नितेश नामक युवक ने जितेंद्र उर्फ कर्मा से पिस्तौल ली और नीरज पर ताबड़तोड़ चार पांच गोलियां दाग दीं। जब भतीजा मनजीत अपने चाचा को बचाने के लिए आगे आया तो आरोपियों ने उसके पैर में भी गोली मार दी। वारदात को अंजाम देने के बाद सभी आरोपी मौके से फरार हो गए।

पुरानी रंजिश के चलते फोन कर बातचीत के बहाने बुलाया था

मृतक नीरज तीन बच्चों के पिता थे और इस वारदात के बाद से जहां परिजनों का रो रोकर बुरा हाल है वहीं पूरे गांव में भारी तनाव की स्थिति बनी हुई है। प्राथमिक जांच में हत्या के पीछे पुरानी रंजिश होने की बात सामने आई है। पुलिस को दी गई शिकायत में घायल भतीजे मनजीत ने बताया कि तीन चार दिन पहले उसकी नितेश के साथ किसी बात को लेकर कहासुनी हुई थी। इसी रंजिश के चलते नितेश उसे लगातार जान से मारने की धमकियां दे रहा था। मनजीत ने यह पूरी बात अपने चाचा नीरज और अजय उर्फ बबलू को बताई थी जिस पर चाचा नीरज ने कहा था कि वह नितेश को समझा बुझाकर मामला शांत करा देंगे।

शनिवार रात करीब 12 बजे नितेश के साथी प्रमोद ने फोन कर नीरज को बात करने के लिए नितेश के घर पर बुलाया था। जब नीरज और मनजीत वहां पहुंचे तो वहां पहले से ही नितेश, उसका भाई योगेश, प्रमोद, रामबीर, सुनेहरा और जितेंद्र उर्फ कर्मा घात लगाए बैठे मिले।

भागने की कोशिश की तो आरोपियों ने चला दीं अंधाधुंध गोलियां

शिकायत के अनुसार आरोपियों ने वहां पहुंचते ही गाली गलौज करते हुए दोनों के साथ मारपीट शुरू कर दी। इसी बीच मनजीत का दूसरा चाचा अजय उर्फ बबलू भी मौके पर पहुंच गया था। जब वे सभी अपनी जान बचाकर वहां से भागने लगे तो नितेश ने उन पर अंधाधुंध गोलियां चला दीं और जान से मारने की धमकी देते हुए फरार हो गए।

चाचा बबलू तुरंत दोनों घायलों को इलाज के लिए रोहतक के कायनोस अस्पताल लेकर गए जहां चिकित्सकों ने जांच के बाद नीरज को मृत घोषित कर दिया जबकि 24 वर्षीय मनजीत का इलाज अस्पताल में जारी है। आसौदा थाना पुलिस ने मुस्तैदी दिखाते हुए मामला दर्ज कर लिया है और आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए अलग अलग टीमों का गठन कर छापेमारी शुरू कर दी है।


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