तेहरान: अमेरिका और ईरान के बीच चल रहा सैन्य संघर्ष अब एक बेहद विनाशकारी और खतरनाक मोड़ पर पहुंच चुका है। इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) और ईरानी मीडिया ने दावा किया है कि उनके हवाई रक्षा तंत्र ने बुशेहर के ऊपर उड़ान भर रहे एक अमेरिकी MQ-9 Reaper Drone को मार गिराया है, जिसकी कीमत करीब 3.4 करोड़ डॉलर बताई जा रही है। इस बड़ी सैन्य कार्रवाई के साथ ही ईरान ने कुवैत और जॉर्डन में स्थित अमेरिकी सैन्य ठिकानों को भी निशाना बनाने का दावा किया है। ईरानी मीडिया के अनुसार, अमेरिकी एयर डिफेंस मिसाइलों को चकमा देते हुए ईरान की मिसाइलों ने जॉर्डन के मुवाफ़्फ़क साल्टी एयर बेस पर सीधा हमला किया है, जहाँ अमेरिकी सेना तैनात है।
इसी बीच, दुनिया की सबसे महत्वपूर्ण समुद्री तेल आपूर्ति लाइन माने जाने वाले होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) से भी बेहद चिंताजनक खबर आ रही है। तस्नीम समाचार एजेंसी के मुताबिक, ईरानी नौसेना की चेतावनियों को नजरअंदाज कर आगे बढ़े दो विशाल तेल टैंकर (Oil Tankers) माइनफील्ड (बारूदी सुरंग क्षेत्र) की चपेट में आ गए, जिससे उनमें जोरदार धमाके के साथ भीषण आग लग गई। आईआरजीसी ने आधिकारिक बयान जारी कर घोषणा की है कि अमेरिकी आक्रामकता के कारण होर्मुज स्ट्रेट अब पूरी तरह से असुरक्षित और बंद हो चुका है, जिसके बाद वैश्विक तेल बाजार (Global Oil Market) में भारी हाहाकार मचने की आशंका गहरा गई है। दोनों देशों के बीच होर्मुज से गुजरने वाले जहाजों से टोल फीस वसूलने और रूट की निगरानी को लेकर लंबे समय से तनातनी चल रही थी, जिसने अब युद्ध का रूप ले लिया है।
समुद्र और आसमान में मची इस तबाही के बीच, अमेरिकी वायुसेना ने भी ईरान की मुख्य भूमि पर हमलों का दायरा काफी बढ़ा दिया है। लगातार सातवें दिन जारी इस भीषण बमबारी में ईरान के कई ऐतिहासिक और रणनीतिक शहर दहल उठे हैं। मध्य ईरान के ऐतिहासिक शहर यज्द (Yazd) में एक के बाद एक 5 भीषण मिसाइल विस्फोट सुने गए हैं, जबकि दक्षिण-पश्चिमी खुज़ेस्तान प्रांत के प्रमुख औद्योगिक शहर अहवाज (Ahvaz) और फार्स प्रांत के लास इलाके में भी अमेरिकी मिसाइलों से बड़े हमलों की पुष्टि हुई है। अमेरिका में राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा ग्राउंड ऑपरेशन के संकेत दिए जाने के बाद पूरा खाड़ी क्षेत्र बारूद के ढेर पर बैठ गया है, जबकि United Nations (संयुक्त राष्ट्र) और वैश्विक समुदाय इस महाविनाश को रोकने में अब तक बेअसर साबित हुए हैं।