चंडीगढ़: हरियाणा के जींद से देश की पहली स्वदेशी हाइड्रोजन पावर्ड ट्रेन (Hydrogen Powered Train) को हरी झंडी दिखाने के साथ ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ट्रिसिटी चंडीगढ़ को भी परिवहन और बुनियादी ढांचे की कई बड़ी सौगातें दी हैं। प्रधानमंत्री द्वारा शुरू किए गए इस महत्वाकांक्षी रेल प्रोजेक्ट के अगले चरण में चंडीगढ़ और कालका-शिमला हेरिटेज रूट को भी जोड़ा जा रहा है, जिससे चंडीगढ़ के यात्रियों को जल्द ही पूरी तरह से प्रदूषण मुक्त और आधुनिक सफर का अनुभव मिलेगा। इस ऐतिहासिक शुरुआत के अवसर पर चंडीगढ़ प्रशासन और रेलवे के आला अधिकारियों ने पीएम मोदी के इस कदम को ट्रिसिटी की कनेक्टिविटी के लिए एक मील का पत्थर बताया।
हाइड्रोजन ट्रेन प्रोजेक्ट के साथ-साथ केंद्र सरकार ने चंडीगढ़ के शहरी विकास और यातायात प्रबंधन के लिए करीब ₹2,500 करोड़ से अधिक की नई बुनियादी ढांचा परियोजनाओं की मंजूरी और शिलान्यास किया है। इसके तहत चंडीगढ़-जींद-सोनीपत रूट के आधुनिकीकरण के साथ ही चंडीगढ़ रेलवे स्टेशन पर अत्याधुनिक विश्वस्तरीय सुविधाएं विकसित की जा रही हैं, जिससे यात्रियों को एयरपोर्ट जैसी सुख-सुविधाएं मिल सकेंगी। प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि चंडीगढ़ जैसे आधुनिक शहर को स्वच्छ ऊर्जा (Clean Energy) और ग्रीन मोबिलिटी से जोड़ना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है, जो ट्रिसिटी के सतत विकास (Sustainable Development) को नई दिशा देगा।
रेलवे नेटवर्क के इस बड़े कायाकल्प से चंडीगढ़ से हरियाणा, पंजाब और दिल्ली की ओर आने-जाने वाले दैनिक यात्रियों और व्यापारियों को काफी सहूलियत होगी। विशेष रूप से कालका और शिमला की ओर जाने वाले पर्यटकों के लिए चंडीगढ़ अब मुख्य हब के रूप में उभरेगा, जहाँ Green Technology पर आधारित ट्रेनें पर्यटन को एक नया और ईको-फ्रेंडली आयाम देंगी। प्रशासन के अनुसार, इन नए प्रोजेक्ट्स के धरातल पर उतरने से ट्रिसिटी क्षेत्र में रोजगार के हजारों नए अवसर पैदा होंगे और तकनीकी विकास को भी भारी बढ़ावा मिलेगा।