भारत में तैयार हो रहे C-295 विमान, एयरोस्पेस क्षेत्र में बढ़ी देश की ताकत



अहमदाबाद / वडोदरा: गुजरात के वडोदरा में स्थित टाटा एडवांस्ड सिस्टम्स लिमिटेड (TASL) की अत्याधुनिक फैसिलिटी में C-295 मिलिट्री ट्रांसपोर्ट एयरक्राफ्ट (Military Transport Aircraft) का निर्माण कार्य पूरे जोर-शोर से चल रहा है। केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री राममोहन नायडू किंजरापु ने शनिवार को इन अत्याधुनिक मिलिट्री एयरक्राफ्ट्स की झलक देश के सामने रखी। केंद्रीय मंत्री नायडू ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (X) पर इसे लेकर एक विशेष पोस्ट भी शेयर किया और अपनी खुशी जाहिर करते हुए बताया, 'भारत को अपने ही देश में इतने उन्नत एयरक्राफ्ट बनाते हुए देखना सचमुच बेहद खास और गर्व का क्षण है।'

केंद्रीय एविएशन मिनिस्टर राममोहन नायडू ने C-295 मिलिट्री ट्रांसपोर्ट एयरक्राफ्ट को लेकर अपने विचार साझा करते हुए आगे बताया, 'जैसे-जैसे भारत अपनी एयरोस्पेस मैन्युफैक्चरिंग क्षमताओं को लगातार मजबूत कर रहा है, हम धीरे-धीरे एक ऐसे स्वर्णिम भविष्य की ओर बढ़ रहे हैं जहां भारतीय गर्व के साथ भारत में बने सिविल एयरक्राफ्ट्स में भी उड़ान भरेंगे।' इससे पहले मंगलवार को नायडू ने यह भी जानकारी दी थी कि अहमदाबाद के पास धोलेरा (Dholera) में बन रहे इंटरनेशनल एयरपोर्ट का लगभग 80 प्रतिशत निर्माण कार्य सफलतापूर्वक पूरा कर लिया गया है। नायडू ने जोर देकर कहा कि टाटा ग्रुप की आगामी सेमीकंडक्टर फैसिलिटी और एयरबस की डिफेंस पार्टनरशिप को धोलेरा की इस विशेष मेंटेनेंस, रिपेयर और ओवरहॉल (MRO) हैंगर सुविधा से सीधा बड़ा फायदा मिलेगा।

टाटा एडवांस्ड सिस्टम्स (TASL) ने मई 2026 में वडोदरा फैसिलिटी की फाइनल असेंबली लाइन से अपना पहला स्वदेशी C-295 एयरक्राफ्ट बाहर निकाला था, जिसने 10 जून को अपनी पहली टेस्ट फ्लाइट (Test Flight) सफलतापूर्वक पूरी की। दिग्गज विमान निर्माता कंपनी एयरबस (Airbus) के अनुसार, यह सफल टेस्ट फ्लाइट C-295 इंडिया प्रोग्राम में एक मील का पत्थर है और भारत सरकार के ड्रीम प्रोजेक्ट 'मेक इन इंडिया' इनिशिएटिव के तहत बहुत बड़ी ऐतिहासिक सफलता है। इस महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट को भारतीय एयरोस्पेस सेक्टर के लिए गेम चेंजर बताते हुए एयरबस डिफेंस ने कहा, 'भारत सरकार के 'मेक इन इंडिया' विजन में C295 इंडिया प्रोग्राम इतिहास में पहला ऐसा मामला है जिसमें किसी प्राइवेट सेक्टर द्वारा भारत में मिलिट्री एयरक्राफ्ट का निर्माण किया जा रहा है।' गौरतलब है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी 28 जून को अपने 'मन की बात' कार्यक्रम के दौरान भारत में बने पहले C-295 एयरक्राफ्ट की पहली सफल उड़ान का विशेष जिक्र किया था। इससे देश में एयरोस्पेस मैन्युफैक्चरिंग की क्षमताएं बढ़ेंगी और बड़े पैमाने पर रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे।

C-295 मिलिट्री ट्रांसपोर्ट एयरक्राफ्ट के निर्माण के लिए टाटा एडवांस्ड सिस्टम्स लिमिटेड, इंडियन एयरक्राफ्ट कॉन्ट्रैक्टर (IAC) के तौर पर छोटे-छोटे पार्ट्स की मैन्युफैक्चरिंग और जटिल इंजीनियरिंग से लेकर पूरी फाइनल असेंबली तक की कमान संभाल रहा है। इस पूरी प्रक्रिया में इंजन और एडवांस एवियोनिक्स की टेस्टिंग व इंस्टॉलेशन, रेन वॉटर टेस्ट, फ्लाइट टेस्ट और लंबे समय तक फ्लीट सपोर्ट, मॉडिफिकेशन तथा अपग्रेड जैसी विश्वस्तरीय तकनीक और क्षमताएं विकसित की जा रही हैं। आपको बता दें कि भारतीय वायुसेना के लिए 56 एयरक्राफ्ट खरीदने के साथ ही भारत पूरी दुनिया में C-295 एयरक्राफ्ट्स का सबसे बड़ा ग्राहक बन गया है। इस 'मेक इन इंडिया' डील के तहत भारत में कुल 40 एयरक्राफ्ट्स की 85 प्रतिशत से ज्यादा स्ट्रक्चरल और फाइनल असेंबली की जाएगी। इसके लिए 13,000 से अधिक छोटे-छोटे कलपुर्जे (Parts) स्थानीय स्तर पर ही बनाए जाएंगे। इस पूरी विनिर्माण प्रक्रिया के लिए 21 विशेष प्रक्रियाओं को अंतरराष्ट्रीय मानकों पर सर्टिफाइड किया गया है और प्राइवेट तथा पब्लिक सेक्टर के करीब 37 प्रमुख भारतीय सप्लायर्स को इस सप्लाई चेन में शामिल किया गया है।


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