‘पार्किंग की चिंता में वकील न्याय पर कैसे देगा ध्यान?’: सीजेआई सूर्यकांत ने चंडीगढ़ में उठाया अदालती बुनियादी ढांचे का बड़ा मुद्दा



चंडीगढ़: अदालतों में पार्किंग और अन्य मूलभूत सुविधाएं कोई विलासिता (Luxury) नहीं, बल्कि सुचारू न्याय व्यवस्था की एक अनिवार्य जरूरत हैं। देश के मुख्य न्यायाधीश (CJI) जस्टिस सूर्यकांत ने शनिवार को चंडीगढ़ के सेक्टर-43 में एक अत्याधुनिक मल्टी लेवल पार्किंग (Multi Level Parking) का उद्घाटन करते हुए यह बड़ा बयान दिया। इस गरिमामयी समारोह में उनके साथ पंजाब के राज्यपाल और चंडीगढ़ के प्रशासक गुलाब चंद कटारिया भी विशेष रूप से मौजूद रहे। सीजेआई ने न्यायिक बुनियादी ढांचे की कमी पर चिंता जताते हुए कहा कि यदि कोई वकील अदालत पहुंचने से पहले ही अपने वाहन को खड़ा करने के लिए संघर्ष करता रहेगा, तो उसका ध्यान मुकदमे की पैरवी से पूरी तरह भटक जाएगा, जिसका सीधा असर देश की न्यायिक प्रक्रिया पर पड़ता है।

सीजेआई सूर्यकांत ने वकीलों के मानसिक तनाव को रेखांकित करते हुए कहा कि किसी महत्वपूर्ण केस में जिरह करने या दलील तैयार करने वाले अधिवक्ता का ध्यान वाहन की सुरक्षा में नहीं उलझना चाहिए। उन्होंने कहा कि अदालतों में आने वाले वादकारी (Litigants) पहले से ही भारी मानसिक तनाव में होते हैं, ऐसे में यदि उन्हें बैठने की जगह, पीने का साफ पानी और Court Parking जैसी बुनियादी सुविधाएं भी न मिलें, तो उनकी परेशानी और ज्यादा बढ़ जाती है। चंडीगढ़ को अपनी कर्मभूमि बताते हुए मुख्य न्यायाधीश ने स्थानीय प्रशासन के इस कदम की सराहना की और जोर दिया कि इसी तर्ज पर Punjab and Haryana High Court परिसर में भी वकीलों के लिए नए चैंबर बनाने और पार्किंग क्षमता का तुरंत विस्तार करने की सख्त जरूरत है।

समारोह को संबोधित करते हुए उन्होंने स्पष्ट किया कि न्याय प्रणाली केवल न्यायाधीशों के भरोसे नहीं चलती, बल्कि अधिवक्ता भी इस पूरी व्यवस्था के समान रूप से मजबूत स्तंभ हैं। इसलिए उन्हें एक बेहतर और तनावमुक्त कार्य वातावरण उपलब्ध कराना प्रशासन और सरकार का सामूहिक दायित्व है। इस मल्टी लेवल पार्किंग के शुरू होने से जिला अदालत परिसर में आने वाले सैकड़ों वकीलों और आम जनता को रोजाना लगने वाले लंबे ट्रैफिक जाम से बड़ी राहत मिलेगी।



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