अम्मान: मध्य पूर्व (मिडल ईस्ट) से एक बेहद सनसनीखेज और गंभीर खबर सामने आ रही है, जिसने वैश्विक राजनीति में हड़कंप मचा दिया है। जॉर्डन में ईरान द्वारा किए गए एक बड़े और भीषण बैलिस्टिक मिसाइल हमले में दो अमेरिकी सैनिकों की जान चली गई है। अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने इस घातक हमले की आधिकारिक पुष्टि करते हुए बताया कि यह सैन्य कार्रवाई शुक्रवार को हुई थी। इस हमले को ईरान की ओर से अमेरिका के खिलाफ अब तक की सबसे सीधी और बड़ी सैन्य कार्रवाई के रूप में देखा जा रहा है, जिससे पूरे क्षेत्र में युद्ध के बादल गहरे हो गए हैं।
सेंटकॉम द्वारा जारी एक आधिकारिक बयान के मुताबिक, ईरान के इस मिसाइल हमले के खिलाफ बचाव अभियान के दौरान दो अमेरिकी सर्विस मेंबर्स मारे गए, जबकि एक सैनिक अभी भी लापता (Missing in Action) बताया जा रहा है, जिसकी तलाश के लिए सर्च ऑपरेशन जारी है। इस भीषण हमले में चार अन्य अमेरिकी सैनिक भी गंभीर रूप से घायल हुए हैं। बयान में दी गई जानकारी के अनुसार, घायल सैनिकों को तुरंत जॉर्डन के स्थानीय मिलिट्री अस्पतालों में भर्ती कराया गया था, जहां उपचार के बाद अब उनकी स्थिति में सुधार को देखते हुए उन्हें छुट्टी दे दी गई है। इसके अतिरिक्त, जिन अन्य सैन्य कर्मियों को मामूली चोटें आई थीं, वे प्राथमिक उपचार के बाद तुरंत अपनी ड्यूटी पर वापस लौट आए हैं।
सुरक्षा प्रोटोकॉल और मारे गए सैनिकों के परिवारों के सम्मान को ध्यान में रखते हुए, अमेरिकी रक्षा मंत्रालय (Pentagon) और सेंटकॉम ने अभी तक मृत सैनिकों की पहचान और अन्य विवरण सार्वजनिक नहीं किए हैं। सैन्य नियमानुसार, परिजनों को आधिकारिक रूप से सूचित किए जाने के 24 घंटे बाद ही इनके नाम उजागर किए जाएंगे। इस हमले के बाद अमेरिका और ईरान के बीच पहले से ही जारी भू-राजनीतिक तनाव (Geopolitical Tension) अब अपने उच्चतम स्तर पर पहुंच गया है और कयास लगाए जा रहे हैं कि अमेरिकी सेना इसका बेहद आक्रामक जवाब दे सकती है।