नई दिल्ली: लद्दाख को संविधान की छठी अनुसूची (Sixth Schedule) में शामिल कराने और पर्यावरण संरक्षण की मांग को लेकर आंदोलनरत प्रमुख शिक्षाविद् और सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक का हौसला दिल्ली पुलिस द्वारा जंतर-मंतर से जबरन हटाए जाने के बाद भी कम नहीं हुआ है। ऑल इंडिया इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज (AIIMS) दिल्ली में भर्ती कराए जाने के बावजूद उनका आमरण अनशन (Hunger Strike) अस्पताल के अंदर भी लगातार जारी है। उनकी पत्नी गीतांजलि आंगमो ने एक बड़ा खुलासा करते हुए बताया कि 28 जून 2026 से भूख हड़ताल पर बैठे सोनम वांगचुक प्रशासन के दबाव के आगे झुकने को तैयार नहीं हैं। वहीं, 20 जुलाई 2026 से शुरू हो रहे संसद के मानसून सत्र (Monsoon Session) के पहले ही दिन आंदोलनकारियों द्वारा 'संसद कूच' का बड़ा ऐलान किया गया है, जिसके मद्देनजर पूरी दिल्ली में सुरक्षा के कड़े बंदोबस्त किए गए हैं।
अस्पताल में सोनम वांगचुक की देखरेख कर रहे डॉ. अक्षय कुमार ने उनकी सेहत से जुड़ा एक महत्वपूर्ण Health Update जारी किया है। डॉक्टरों के मुताबिक, शुरुआती जांच में वांगचुक का ब्लड प्रेशर, ऑक्सीजन सैचुरेशन लेवल और पल्स रेट (नब्ज) पूरी तरह से सामान्य पाए गए हैं। वह पूरी तरह होश में हैं और सामान्य रूप से बातचीत कर रहे हैं। हालांकि, लगातार अनशन के कारण शरीर में कमजोरी को देखते हुए मेडिकल टीम उन्हें IV Fluids (ग्लूकोज) और जरूरी इलेक्ट्रोलाइट्स लेने की सलाह दे रही है, लेकिन वांगचुक ने इसे लेने से साफ इनकार कर दिया है। इस बीच, उनकी पत्नी गीतांजलि ने प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि डॉक्टरों की निगरानी के बावजूद सोनम की आधिकारिक मेडिकल रिपोर्ट उनके परिवार को नहीं सौंपी जा रही है, जो बेहद चिंताजनक है।
सोनम वांगचुक की बिगड़ती सेहत के बीच उनकी पत्नी गीतांजलि ने देशवासियों के नाम एक बेहद भावुक संदेश और अपील जारी की है। उन्होंने कहा कि सोनम लद्दाख की नाजुक वादियों, पर्यावरण और देश के युवाओं व छात्रों के सुरक्षित भविष्य के लिए अस्पताल के बिस्तर पर भी भूखे बैठे हैं। उन्होंने पूरे देश की जनता से अपील की है कि वे इस ऐतिहासिक आंदोलन में एकजुट होकर सोनम के स्वास्थ्य के लिए प्रार्थना करें और लद्दाख के अधिकारों की इस लड़ाई में उनके साथ मजबूती से खड़े रहें।