कोटा / रामगंजमंडी: राजस्थान के कोटा जिले के रामगंजमंडी थाना क्षेत्र में पुलिस ने एक बड़े अंतरराज्यीय 'लुटेरी दुल्हन' गिरोह का भंडाफोड़ करते हुए उसके आठ सक्रिय सदस्यों को गिरफ्तार करने में बड़ी सफलता हासिल की है। कोटा ग्रामीण पुलिस अधीक्षक सुजीत शंकर ने बताया कि यह गिरोह बेहद शातिराना अंदाज में काम कर रहा था, जिसके तार राजस्थान के अलावा मध्य प्रदेश, झारखंड और बिहार जैसे राज्यों तक फैले हुए थे।
यह गैंग मुख्य रूप से समाज के उन अविवाहित और उम्रदराज युवकों को अपना शिकार बनाता था जिनकी शादियां नहीं हो पा रही थीं। यह पूरा नेटवर्क किसी कॉरपोरेट कंपनी की तरह सुव्यवस्थित ढंग से काम करता था। चौंकाने वाली बात यह है कि गिरोह द्वारा जिन युवतियों को शादी के लिए लड़कों के सामने पेश किया जाता था, वे पहले से ही शादीशुदा होती थीं। इस अवैध धंधे को चलाने के लिए कोटा की रामगंज मंडी और झारखंड के धनबाद में बाकायदा मध्यस्थ (दलाल) तैनात किए गए थे जो लड़कों के परिवारों से संपर्क साधते थे।
गिरोह के दलाल सबसे पहले शिकार बनाए जाने वाले लड़कों को अलग-अलग लड़कियों की सुंदर तस्वीरें दिखाते थे। इसके बाद सौदा तय होने पर झारखंड से युवतियों को राजस्थान बुलाया जाता था और किसी स्थानीय मंदिर में जल्दबाजी में नकली शादी संपन्न करवा दी जाती थी। पुलिस के अनुसार, शादी कराने के नाम पर पीड़ितों से एक से दो लाख रुपये तक की मोटी रकम ऐंठी जाती थी। धोखाधड़ी का खेल यहीं खत्म नहीं होता था, बल्कि शादी के महज एक-दो दिन बाद ही ये शातिर दुल्हनें अपने माता-पिता की अचानक बीमारी का झूठा बहाना बनाती थीं और घर में रखे सोने-चांदी के कीमती गहने तथा नकदी समेटकर रफूचक्कर हो जाती थीं।
इस पूरे अंतरराज्यीय नेटवर्क का पर्दाफाश तब हुआ जब दो अलग-अलग पीड़ितों ने हिम्मत दिखाकर पुलिस में इसकी लिखित शिकायत दर्ज कराई। पहली शिकायत 13 जुलाई को लाडपुरा के रहने वाले दिनेश कुमार ने दर्ज कराई थी, जिसमें उन्होंने बताया कि इस गिरोह ने उनके साथ नकली शादी का ढोंग रचकर लाखों रुपये की बड़ी धोखाधड़ी की है। इसके बाद, 16 जुलाई को हिरियाखेड़ी के निवासी दिलीप सिंह ने भी इसी तरह की ठगी की शिकायत थाने में दी। इन दोनों ही मामलों में समानता देखते हुए पुलिस ने इसे एक बड़े गिरोह की करतूत माना।
इन शिकायतों पर त्वरित एक्शन लेते हुए पुलिस अधीक्षक द्वारा एक विशेष जांच दल का गठन किया गया, जिसने तकनीकी इनपुट्स के आधार पर जाल बिछाकर गिरोह के आठ मुख्य सदस्यों को रंगे हाथों धर दबोचा। पुलिस जांच में यह भी सामने आया है कि इस गिरोह ने पहले भी कई अन्य इलाकों में इसी तरह की वारदातों को अंजाम देकर लाखों रुपये लूटे हैं।
विस्तृत छानबीन में पता चला है कि गिरोह की सदस्य पूजा ने मध्य प्रदेश के मोड़ी हरिपुरा निवासी सुरेश पाटीदार से एक लाख रुपये, अंजलि ने झालावाड़ के दीपक मीणा से एक लाख रुपये, शिवानी ने असनावर के टिंकू सिंह से एक लाख 10 हजार रुपये, पिंकी ने अकलेरा के सत्यनारायण से डेढ़ लाख रुपये और सुनीता मुखर्जी ने बूंदी के डाबी निवासी धनराज से एक लाख 10 हजार रुपये की भारी रकम ऐंठी थी। फिलहाल, गिरफ्तार किए गए सभी आरोपियों से पुलिस रिमांड के दौरान कड़ाई से पूछताछ की जा रही है ताकि गिरोह के अन्य मददगारों और ठगी की शिकार हुई शादियों का पता लगाया जा सके।