नई दिल्ली: बॉलीवुड अभिनेत्री पूनम पांडे सोमवार को देश की राजधानी दिल्ली के जंतर-मंतर पर चल रहे कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के विरोध प्रदर्शन में शामिल हुईं। इस दौरान उन्होंने देश में लगातार सामने आ रहे पेपर लीक और छात्रों की गंभीर समस्याओं को लेकर केंद्र सरकार से तुरंत कड़े कदम उठाने की जोरदार अपील की। मीडिया से बात करते हुए पूनम ने पूरी तरह से साफ किया कि वह किसी भी राजनीतिक एजेंडे के तहत नहीं, बल्कि एक नागरिक के तौर पर पूरी तरह से छात्रों का समर्थन करने यहां आई हैं।
प्रदर्शन स्थल पर मीडियाकर्मियों से बातचीत करते हुए पूनम पांडे ने कहा कि वह एक चीज बिल्कुल साफ-साफ बोलना चाहेंगी कि यह प्रदर्शन शुरू से ही बच्चों का था और अब भी बच्चों का ही है। वह यहां सिर्फ और सिर्फ छात्रों का समर्थन करने और उनके हक की लड़ाई लड़ने आई हैं। उन्होंने आगे कहा कि उन्हें पॉलिटिक्स (राजनीति) का ‘पी’ भी नहीं पता है। वह बस उन मासूम बच्चों के लिए आई हैं जिन्होंने पेपर लीक (Paper Leak Cases) और भ्रष्ट सिस्टम से परेशान होकर आत्महत्या जैसे आत्मघाती कदम उठाए हैं। वह उन सभी के न्याय के लिए खड़ी हैं। इसके साथ ही उन्होंने मीडिया से भी विशेष अपील की कि इस संवेदनशील मुद्दे को राजनीतिक या धार्मिक रंग न दिया जाए और इसे विशुद्ध रूप से छात्रों का ही मुद्दा रहने दिया जाए।
अपने पुराने संघर्ष के दिनों को याद करते हुए भावुक अंदाज में पूनम ने कहा कि उनके पिता एक सिक्योरिटी गार्ड थे और उनकी मासिक सैलरी सिर्फ 7,000 रुपये थी, जिसके लिए वह पूरी रात की शिफ्ट में काम करते थे। उस समय उनके परिवार के पास स्कूल की फीस भरने तक के पैसे नहीं होते थे, क्योंकि हमारे देश में शिक्षा इतनी महंगी है कि एक गरीब परिवार इसका खर्च आसानी से नहीं उठा पाता। आज के दौर में जब बच्चे इतनी कड़ी मेहनत करते हैं और उनके मां-बाप पेट काटकर पैसे जुटाते हैं, उसके बाद अगर अंत में पता चले कि पेपर ही लीक हो गया है, तो उन मासूमों और उनके परिजनों पर क्या गुजरती होगी? ऐसे ही हालातों में बच्चों के दिमाग में आत्महत्या के ख्याल आते हैं। उन्होंने दुख जताते हुए कहा कि यह बेहद चिंताजनक बात है कि हम इस मुख्य मुद्दे को छोड़कर हिंदू-मुस्लिम जैसे बेकार के विषयों पर टीवी चैनलों पर बहस कर रहे हैं।
पूनम पांडे ने वर्तमान सरकार को घेरते हुए सीधे तौर पर कहा कि एक लोकतांत्रिक देश (Democratic Country) में जनता को अपनी समस्याओं पर जवाब मांगने का पूरा अधिकार है। उन्होंने सरकार से अपील की कि हम सभी यहां के सम्मानित नागरिक हैं और हमारा पूरा हक बनता है कि हम सिस्टम से जवाब मांगें। छात्रों की समस्याओं का त्वरित समाधान होना चाहिए और इस गंभीर मुद्दे को राजनीतिक बहसों में भटकाने के बजाय उन गरीब परिवारों के बारे में सोचना चाहिए, जो इस पूरे परीक्षा घोटाले के मामले से बुरी तरह प्रभावित हुए हैं।
आपको बता दें कि नीट (NEET) परीक्षा में कथित अनियमितताओं और पेपर लीक के गंभीर आरोपों को लेकर दिल्ली के जंतर-मंतर पर कॉकरोच जनता पार्टी का अनिश्चितकालीन प्रदर्शन लगातार जारी है। प्रदर्शनकारी छात्र और संगठन लगातार शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे और देश की पूरी परीक्षा व्यवस्था में बड़े सुधार की मांग कर रहे हैं। इस आंदोलन का नेतृत्व सीजेपी के संस्थापक अभिजीत दीपके और उनके विभिन्न समर्थक संगठन कर रहे हैं।