लुधियाना (पंजाब): पंजाब में नशे के खिलाफ जारी अभियान के बीच लुधियाना से एक बेहद चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहाँ सरकारी परिवहन सेवा (पनबस) के कर्मचारी ही नशा तस्करी के खेल में संलिप्त पाए गए हैं। लुधियाना पनबस डिपो के एक ड्राइवर और परिचालक (कंडक्टर) के खिलाफ बस डिपो परिसर में ही नशीले पदार्थों की तस्करी करने के आरोप में मामला दर्ज किया गया है। डिपो मैनेजर द्वारा पुलिस को भेजे गए आधिकारिक पत्र और चेकिंग टीम की गोपनीय रिपोर्ट के आधार पर थाना डिवीजन नंबर-5 की पुलिस ने दोनों विभागीय कर्मचारियों के खिलाफ NDPS Act के तहत मुकदमा दर्ज कर आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है।
विभागीय चेकिंग स्टाफ से मिली जानकारी के अनुसार, यह कार्रवाई 17 जुलाई 2026 को डिपो परिसर में की गई औचक चेकिंग के बाद अमल में लाई गई। टीम को रिपोर्ट मिली थी कि आरोपी ड्राइवर गोबिंदर सिंह और परिचालक मनप्रीत सिंह उर्फ काकू डिपो में खड़ी एक कार (नंबर PB-10-FUU-5356) के जरिए नशीले पदार्थों की खेप ठिकाने लगाने की फिराक में हैं। शिकायत के आधार पर त्वरित कार्रवाई करते हुए पुलिस ने रूपनगर जिले के आनंदपुर साहिब निवासी परिचालक मनप्रीत सिंह उर्फ काकू को मौके से गिरफ्तार कर लिया। पुलिस द्वारा कार और आरोपी की तलाशी लिए जाने पर उसके कब्जे से 12 Kilograms Bhukki (12 किलो भुक्की चूरा पोस्त) बरामद की गई।
पुलिस ने मुस्तैदी दिखाते हुए दोनों आरोपियों के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट की धारा 15, 61 और 85 के तहत FIR दर्ज कर ली है। हालांकि, मामले का दूसरा मुख्य आरोपी ड्राइवर गोबिंदर सिंह (निवासी संगरूर) चेकिंग के दौरान चकमा देकर भागने में सफल रहा, जिसकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस की टीमें उसके संभावित ठिकानों पर लगातार छापेमारी कर रही हैं। थाना डिवीजन नंबर-5 के जांच अधिकारी ने बताया कि पुलिस रिमांड के दौरान पकड़े गए आरोपी से कड़ाई से पूछताछ की जा रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि नशीले पदार्थों की यह खेप कहाँ से लाई गई थी और डिपो के भीतर इसे किन लोगों को सप्लाई किया जाना था।