8वें वेतन आयोग का सैलरी स्ट्रक्चर: लेवल 1 से 18 तक संभावित वेतन वृद्धि का पूरा ब्यौरा; फिटमेंट फैक्टर से तय होगा आपका नया मूल वेतन

 



नई दिल्ली: केंद्र सरकार द्वारा 8वें वेतन आयोग (8th Pay Commission) के गठन की औपचारिक प्रक्रिया शुरू होने के साथ ही, देश के 50 लाख से अधिक सरकारी कर्मचारियों और 69 लाख पेंशनभोगियों के बीच वेतन वृद्धि को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं। हालांकि आधिकारिक अधिसूचना अभी प्रतीक्षित है, लेकिन विशेषज्ञ गणनाओं के अनुसार, 8वें वेतन आयोग का प्रभाव 1 जनवरी, 2026 से ही प्रभावी माना जाएगा। वेतन वृद्धि का मुख्य आधार 'फिटमेंट फैक्टर' (Fitment Factor) होगा, जिसे सेवानिवृत्त न्यायमूर्ति रंजना प्रकाश देसाई की अध्यक्षता वाली समिति द्वारा तय किया जाना है। विशेषज्ञों का अनुमान है कि यह फिटमेंट फैक्टर 1.70 से लेकर 3.0 तक हो सकता है, जिससे कर्मचारियों के मूल वेतन (Basic Pay) में 20% से 35% तक की महत्वपूर्ण बढ़ोतरी देखने को मिल सकती है।

| पे-मैट्रिक्स लेवल (7वां CPC) | वर्तमान मूल वेतन (Basic Pay) | संभावित मूल वेतन (2.15 फिटमेंट फैक्टर) | संभावित मूल वेतन (2.86 फिटमेंट फैक्टर) |

|---|---|---|---|

| लेवल 1 (प्रवेश स्तर) | ₹18,000 | ₹38,700 | ₹51,480 |

| लेवल 3 (कॉन्स्टेबल/स्टाफ) | ₹21,700 | ₹46,655 | ₹62,062 |

| लेवल 6 (इंस्पेक्टर/ग्रेड बी) | ₹35,400 | ₹76,110 | ₹1,01,244 |

| लेवल 10 (ग्रुप ए अधिकारी) | ₹56,100 | ₹1,20,615 | ₹1,60,446 |

| लेवल 18 (कैबिनेट सचिव) | ₹2,50,000 | ₹5,37,500 | ₹7,15,000 |

The projected hike also suggests that while the fitment factor might be applied uniformly, its impact on the gross salary will vary based on HRA, TA, and the resetting of Dearness Allowance (DA) to zero. वर्तमान में महंगाई भत्ता (DA) 55% से 60% के करीब है, जिसे 8वें वेतन आयोग के लागू होते ही मूल वेतन में मर्ज कर दिया जाएगा और नए सिरे से गणना शुरू होगी। इसका मतलब है कि यदि किसी कर्मचारी की वर्तमान बेसिक ₹18,000 है, तो 2.86 फिटमेंट फैक्टर के साथ उसकी नई बेसिक ₹51,480 हो सकती है, जो कि कुल मिलाकर करीब 3 गुना तक का उछाल है। हालांकि, न्यूनतम फिटमेंट फैक्टर (1.70) के मामले में यह वृद्धि कम होकर ₹30,600 तक भी रह सकती है।

While media reports suggest a 2027 rollout for the actual distribution of revised salaries, the benefits are expected to be calculated retrospectively from January 2026, meaning employees would receive significant arrears for the intervening months. पेंशनभोगियों के लिए भी न्यूनतम पेंशन ₹9,000 से बढ़कर ₹20,500 से ₹25,000 के बीच होने की उम्मीद है। वित्त मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि वेतन आयोग हर 10 साल के चक्र को पूरा करने के लिए प्रतिबद्ध है, जिससे आर्थिक संतुलन और बढ़ती महंगाई के बीच कर्मचारियों की क्रय शक्ति बनी रहे। हालांकि, वास्तविक आंकड़े आयोग की अंतिम रिपोर्ट और कैबिनेट की मंजूरी के बाद ही स्पष्ट होंगे।



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