गुरुग्राम/करनाल: हरियाणा स्पेशल टास्क फोर्स (STF) ने एक बड़ी कामयाबी हासिल करते हुए रोहित गोदारा और गोल्डी बराड़ गैंग के चार सक्रिय सदस्यों को विदेशी हथियारों के साथ दबोचा है। एसटीएफ आईजी सतीश बालन ने खुलासा किया कि मुख्य आरोपी रमन और लोकेश को निसिंग (करनाल) से एक बुलेटप्रूफ गाड़ी और अवैध हथियारों के साथ पकड़ा गया, जबकि उनके दो अन्य साथियों बलराज और रविंद्र को कैथल के पुंडरी से काबू किया गया। पकड़े गए आरोपियों के कब्जे से चार विदेशी हथियार और 8 कारतूस बरामद हुए हैं। जांच में सामने आया है कि रमन, बलराज और रवि हाल ही में अमेरिका से फरार होकर भारत लौटे थे। पूछताछ में आरोपियों ने स्वीकार किया कि उन्होंने दिसंबर 2024 में कैलिफोर्निया में गैंगस्टर सुनील यादव की हत्या की थी और अक्टूबर 2025 में कुख्यात हैरी बॉक्सर पर भी जानलेवा हमला किया था, जो लॉरेंस बिश्नोई गैंग के आपसी विवाद का हिस्सा था।
In separate incidents reported from Gurugram, the Sector-5 police arrested a youth named Dhruv Wadhwa for brutally crushing a dog under his luxury car in a drunken state, while Bhondsi Jail authorities foiled a drug smuggling bid by a prisoner returning from parole. सेक्टर-5 में नशे में धुत युवक ने बेजुबान कुत्ते पर बार-बार गाड़ी चढ़ाकर उसे मार डाला, जिसके बाद स्थानीय निवासियों के विरोध पर उसे गिरफ्तार किया गया। वहीं, भोंडसी जेल में राहुल रोहिल्ला नामक कैदी अपने जूतों के सोल में नशीला पदार्थ छिपाकर ले जाते हुए पकड़ा गया। जांच में पता चला कि यह साजिश जेल में बंद गैंगस्टर जोनी हंस और उसके पिता के साथ मिलकर रची गई थी। पुलिस ने तीनों मामलों में संबंधित धाराओं के तहत केस दर्ज कर लिया है और आरोपियों से गहन पूछताछ जारी है।
गिरफ्तार किए गए गैंगस्टर विदेश में बैठकर हरियाणा, दिल्ली और पंजाब के व्यापारियों से रंगदारी वसूलने का सिंडिकेट चला रहे थे और भुगतान न करने वालों के घरों पर फायरिंग करवाते थे। एसटीएफ की इस कार्रवाई से लॉरेंस बिश्नोई और गोल्डी बराड़ गिरोह के अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क को गहरा झटका लगा है। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि संगठित अपराध और नशे के सौदागरों के खिलाफ 'जीरो टॉलरेंस' की नीति जारी रहेगी।