ईरान का खौफनाक दांव: ट्रंप पर हमले की तस्वीर के साथ दी जान से मारने की खुली धमकी, ब्रिटेन ने बंद किया तेहरान दूतावास



तेहरान: अमेरिका और ईरान के बीच तनाव अब अपने चरम पर पहुंच गया है। गुरुवार, 15 जनवरी 2026 को ईरानी सरकारी टेलीविजन ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को सीधे तौर पर जान से मारने की धमकी भरा संदेश प्रसारित किया। इस प्रसारण में जुलाई 2024 में पेन्सिलवेनिया की रैली के दौरान ट्रंप पर हुए हमले की खून से लथपथ तस्वीर का इस्तेमाल किया गया और साथ में फारसी में लिखा गया— "इस बार निशाना नहीं चूकेगा।" ईरान का यह उग्र रुख ट्रंप की उस चेतावनी के बाद आया है, जिसमें उन्होंने कहा था कि अगर ईरान ने अपने प्रदर्शनकारियों के खिलाफ 'फांसी और हत्याओं' का सिलसिला नहीं रोका, तो अमेरिका सैन्य कार्रवाई (Military Strike) के लिए पूरी तरह तैयार है।

The threat aired on state TV has dramatically escalated regional instability, prompting the United Kingdom to immediately shut down its embassy in Tehran. ब्रिटेन के विदेश कार्यालय (Foreign Office) ने घोषणा की है कि तेहरान में ब्रिटिश दूतावास को अस्थायी रूप से बंद कर दिया गया है और सारा राजनयिक स्टाफ वापस बुला लिया गया है। अब यह दूतावास 'रिमोटली' (Remote Operations) संचालित होगा। यह फैसला तब लिया गया जब रिपोर्टें आईं कि अमेरिका कतर स्थित अपने सबसे बड़े सैन्य अड्डे 'अल उदीद' से सैनिकों की आवाजाही शुरू कर चुका है और ईरान पर हमला अब 'अवश्यंभावी' लग रहा है। ईरान ने भी जवाबी कार्रवाई के रूप में अपना एयरस्पेस बंद कर दिया है और चेतावनी दी है कि यदि उस पर हमला हुआ, तो वह क्षेत्र में स्थित सभी अमेरिकी बेसों को तबाह कर देगा।

Despite the aggressive rhetoric from the Revolutionary Guard, Iran's Foreign Minister Abbas Araghchi claimed in an interview that Tehran is "ready for negotiation" to avoid a full-scale war. हालांकि, जमीन पर हालात इसके विपरीत हैं; मानवाधिकार संगठनों के अनुसार ईरान में जारी विरोध-प्रदर्शनों में अब तक 2,500 से अधिक लोग मारे जा चुके हैं। ट्रंप ने मंगलवार को सीबीएस न्यूज को दिए इंटरव्यू में कहा था कि वे "हजारों लोगों को फांसी" देने की योजना पर चुप नहीं बैठेंगे। ब्रिटेन के प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर ने भी ईरानी शासन की "बीमार मानसिकता और दमन" की कड़े शब्दों में निंदा की है। वर्तमान में पूरा मध्य पूर्व युद्ध के मुहाने पर खड़ा है और अंतरराष्ट्रीय समुदाय की नजरें अगले 24 घंटों में होने वाली अमेरिकी सैन्य हलचल पर टिकी हैं।



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