लॉस एंजिल्स: 'ट्वाइलाइट' फेम मशहूर ग्लोबल स्टार और अब डायरेक्टर बन चुकीं क्रिस्टन स्टीवर्ट ने हॉलीवुड के चकाचौंध के पीछे छिपे कड़वे सच को उजागर किया है। अपनी पहली निर्देशित फिल्म 'The Chronology of Water' की चर्चा के बीच, क्रिस्टन ने एक मैगजीन इंटरव्यू में दावा किया कि फिल्म इंडस्ट्री में अभिनेत्रियों के साथ 'कठपुतली' (Puppets) जैसा बर्ताव किया जाता है। उन्होंने कहा कि अक्सर फीमेल एक्टर्स को केवल निर्देशों का पालन करने वाली वस्तु समझा जाता है, न कि एक स्वतंत्र सोच रखने वाला कलाकार। This bold statement by the Oscar-nominated actress has reignited the conversation about systemic sexism and the treatment of women in global cinema.
35 वर्षीय क्रिस्टन ने अपने निर्देशन के अनुभव की तुलना एक्टिंग करियर से करते हुए कहा कि जब वे बतौर डायरेक्टर लोगों से मिलीं, तब उन्हें पहली बार महसूस हुआ कि लोग उन्हें एक 'समझदार इंसान' की तरह ट्रीट कर रहे हैं। उन्होंने पुरुष प्रधान धारणाओं पर निशाना साधते हुए कहा कि डायरेक्टर्स के पास कोई 'अलौकिक शक्ति' नहीं होती, यह केवल पुरुषों द्वारा फैलाया गया एक भ्रम है। स्टीवर्ट के अनुसार, अभिनेत्रियों के लिए स्थितियां अभिनेताओं की तुलना में कहीं अधिक चुनौतीपूर्ण और बदतर हैं। While transitioning into her role as a Film Director, Stewart highlighted the stark difference in how creative voices are respected based on gender roles.
क्रिस्टन स्टीवर्ट का यह बयान इसलिए भी वजन रखता है क्योंकि वे दुनिया की सबसे ज्यादा कमाई करने वाली अभिनेत्रियों में शुमार हैं। 12 साल की उम्र से अपना करियर शुरू करने वाली क्रिस्टन सालाना करीब 229 करोड़ रुपये से अधिक की कमाई करती हैं और उन्हें 'सीजर अवॉर्ड' जैसे प्रतिष्ठित सम्मानों से नवाजा जा चुका है। उनकी फिल्म 'द क्रोनोलॉजी ऑफ वॉटर' को कान फिल्म फेस्टिवल में 6 मिनट का स्टैंडिंग ओवेशन मिला था, जिसे बनाने में उन्हें 8 साल का समय लगा। Her transition from a Highest-Paid Actress to a critically acclaimed filmmaker shows her evolution and commitment to authentic storytelling beyond industry stereotypes.