भाजपा का राहुल गांधी पर प्रहार: 'संसद को कांग्रेस का दफ्तर न समझें नेता प्रतिपक्ष', सदन में हंगामे पर छिड़ा सियासी संग्राम



नई दिल्ली: भारतीय जनता पार्टी (BJP) के सांसदों ने लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी और कांग्रेस पार्टी पर लोकतंत्र को शर्मसार करने का गंभीर आरोप लगाया है। केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने तीखा हमला बोलते हुए कहा कि राहुल गांधी सदन की गरिमा को भूल चुके हैं और संसद को कांग्रेस का दफ्तर समझ रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि राहुल गांधी के नेतृत्व में देश के खिलाफ एक सोची-समझी साजिश के तहत सदन की कार्यवाही में बाधा डाली जा रही है। भाजपा का तर्क है कि विपक्ष केवल नाटक और भ्रम फैलाने का काम कर रहा है, जिससे संसदीय मर्यादा को ठेस पहुंच रही है।

वहीं, संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू (Kiren Rijiju) ने राहुल गांधी द्वारा लगाए गए उन आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया जिसमें कहा गया था कि उन्हें बोलने का मौका नहीं दिया जा रहा। रिजिजू ने स्पष्ट किया कि संसद नियमों से चलती है और कोई भी सदस्य मनमाने ढंग से भाषण नहीं दे सकता। उन्होंने कहा कि सरकार ने दो दिनों तक विपक्ष का इंतजार किया, लेकिन नियमों के बाहर जाकर बोलना स्वीकार्य नहीं है। भाजपा सांसदों का कहना है कि सदन में राष्ट्रपति के अभिभाषण पर चर्चा के बजाय कांग्रेस केवल हंगामा करने पर उतारू है।

विपक्ष के 8 सांसदों के निलंबन को लेकर भी सत्तापक्ष ने अपना रुख कड़ा रखा है। भाजपा सांसद शशांक मणि और अरुण गोविल ने कहा कि सांसदों के खिलाफ कार्रवाई इसलिए की गई क्योंकि उन्होंने सदन की गरिमा का हनन किया था। अरुण गोविल ने राहुल गांधी के व्यवहार को 'शर्मनाक' करार देते हुए कहा कि एक सांसद को अपने आचरण के प्रति सजग रहना चाहिए। भाजपा नेताओं ने एकजुट होकर कहा कि राहुल गांधी और उनके समर्थक गठबंधन (I.N.D.I.A. Alliance) का बर्ताव संसदीय लोकतंत्र के इतिहास में एक काला अध्याय है।

सदन के भीतर चीन सीमा विवाद और पूर्व सेना प्रमुख की किताब को लेकर हुए हंगामे के बाद दोनों पक्षों के बीच कड़वाहट चरम पर है। सत्तापक्ष का मानना है कि विपक्ष राष्ट्रीय सुरक्षा के मुद्दों का राजनीतिकरण कर रहा है, जबकि विपक्ष का दावा है कि उनकी आवाज दबाई जा रही है। आने वाले दिनों में यह विवाद संसद की उत्पादकता (Parliament Productivity) को और प्रभावित कर सकता है।



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