मेघालय में मौत की खदान: अवैध कोयला खदान विस्फोट में 16 मजदूरों की दर्दनाक मौत, प्रधानमंत्री ने जताया दुख और मुआवजे का किया एलान


मेघालय: मेघालय के पूर्वी जयंतिया हिल्स (East Jaintia Hills) जिले से एक हृदयविदारक घटना सामने आई है, जहाँ गुरुवार को एक अवैध कोयला खदान में हुए भीषण डायनामाइट विस्फोट में कम से कम 16 मजदूरों की मौत हो गई। यह दुर्घटना जिले के मिसिंगेट-थांग्स्को इलाके में हुई। धमाका इतना जोरदार था कि पहाड़ी का एक बड़ा हिस्सा धंस गया, जिसके मलबे में अभी भी कई और खनिकों के फंसे होने की आशंका है। स्थानीय पुलिस अधीक्षक विकास कुमार ने अब तक चार शव बरामद होने की पुष्टि की है, जबकि गंभीर रूप से झुलसे एक घायल व्यक्ति को इलाज के लिए शिलांग (Shillong) भेजा गया है।

राहत और बचाव कार्य के लिए राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (NDRF) की तीन टीमें और राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल (SDRF) को मौके पर तैनात किया गया है। अधिकारियों का कहना है कि मरने वालों का आंकड़ा अभी और बढ़ सकता है क्योंकि कई मजदूर मलबे के नीचे दबे हुए हैं। अवैध खनन की आड़ में सुरक्षा मानकों की अनदेखी इस बड़े हादसे की मुख्य वजह मानी जा रही है। विशेष बात यह है कि इसी इलाके में 23 दिसंबर 2025 को भी ऐसा ही विस्फोट हुआ था, जिसने राज्य में अवैध कोयला खनन (Illegal Coal Mining) की जड़ों को लेकर फिर से सवाल खड़े कर दिए हैं।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) ने इस हादसे पर गहरा दुख व्यक्त किया है। उन्होंने मृतकों के परिजनों के प्रति अपनी संवेदनाएं प्रकट करते हुए प्रधानमंत्री राष्ट्रीय राहत कोष (PMNRF) से प्रत्येक मृतक के परिवार को ₹2 लाख की अनुग्रह राशि देने की घोषणा की है। इसके अलावा, हादसे में घायल हुए लोगों को ₹50,000 की सहायता प्रदान की जाएगी। प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO India) ने घायलों के जल्द स्वस्थ होने की कामना की है और स्थानीय प्रशासन को हर संभव मदद का निर्देश दिया है।

यह मामला अब कानूनी और मानवाधिकार के मोर्चे पर भी तूल पकड़ रहा है। सेवानिवृत्त जज BP Katakey Committee, जो पहले से ही मेघालय में अवैध खनन की जांच कर रही है, ने इस मामले में पुलिस से विस्तृत रिपोर्ट मांगी है। मेघालय मानवाधिकार आयोग ने भी राज्य सरकार को नोटिस जारी किया है। बार-बार हो रहे इन हादसों ने मेघालय हाईकोर्ट की उन चिंताओं को सच साबित कर दिया है जिसमें अवैध खनन को रोकने के लिए कड़े कदम उठाने की बात कही गई थी।



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