नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) ने गुरुवार को राज्यसभा में राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव का जवाब देते हुए कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर अब तक का सबसे तीखा हमला बोला। पीएम मोदी ने कहा कि कांग्रेस के 'युवराज' का अहंकार सातवें आसमान पर है, जिन्होंने संसद परिसर में केंद्रीय मंत्री रवनीत सिंह बिट्टू (Ravneet Singh Bittu) को 'गद्दार' कहकर संबोधित किया। प्रधानमंत्री ने इसे सीधे तौर पर सिखों का अपमान बताते हुए कहा, "कांग्रेस ने कई नेताओं को पार्टी छोड़ते देखा है, लेकिन उन्होंने केवल बिट्टू को गद्दार इसलिए कहा क्योंकि वह एक सिख हैं। यह सिखों के प्रति कांग्रेस की उस नफरत का इजहार है जो उनके डीएनए में भरी हुई है।"
प्रधानमंत्री ने सदन में भावुक होते हुए कहा कि रवनीत बिट्टू उस परिवार से ताल्लुक रखते हैं जिसने देश की एकता के लिए शहादत दी है (शहीद बेअंत सिंह)। उन्होंने राहुल गांधी के 'शातिर दिमाग' पर निशाना साधते हुए कहा कि गुरुओं की परंपरा का अपमान करना कांग्रेस की पुरानी आदत रही है और यही मानसिकता उन्हें डुबो देगी। BJP ने इस मुद्दे को लेकर अब कांग्रेस के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है और इसे पूरे सिख समुदाय की अस्मिता से जोड़ दिया है।
विवाद की जड़: क्या हुआ था संसद के मकर द्वार पर?
यह पूरा विवाद बुधवार को तब शुरू हुआ जब संसद परिसर में निलंबित सांसदों के विरोध प्रदर्शन के दौरान राहुल गांधी ने बिट्टू को देखते ही कहा, "देखिए एक गद्दार चला आ रहा है... मेरे गद्दार मित्र।" इसके जवाब में रवनीत बिट्टू ने राहुल गांधी को 'देश का दुश्मन' और सोनिया गांधी का 'बिगड़ा हुआ बेटा' करार दिया। बिट्टू ने वीडियो संदेश जारी कर कहा कि उनके हाथ सिखों के खून से रंगे हैं और एक सरदार कभी भी उस परिवार के वारिस से हाथ नहीं मिलाएगा जिसने स्वर्ण मंदिर (Golden Temple) पर हमला करवाया।
केंद्रीय मंत्री बिट्टू ने स्पष्ट किया कि कांग्रेस से दोबारा हाथ मिलाने का सवाल ही पैदा नहीं होता और वे इस अपमानजनक टिप्पणी के खिलाफ लोकसभा अध्यक्ष (Speaker Om Birla) के पास शिकायत दर्ज कराएंगे। राजनीतिक विशेषज्ञों का मानना है कि प्रधानमंत्री के इस हस्तक्षेप के बाद यह विवाद अब केवल दो नेताओं की निजी जंग नहीं, बल्कि आगामी चुनावों में एक बड़ा 'सिख सेंटीमेंट' का मुद्दा बनने जा रहा है।